लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अब सिर्फ कौशल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर उन्हें नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी भी उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन निभाएगा। श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने अदाणी स्किल्स एंड एजुकेशन के साथ समझौता कर युवाओं के कौशल विकास और रोजगार का नया मॉडल तैयार किया है।
समझौते के तहत पंजीकृत अभ्यर्थियों के स्किल गैप का आकलन किया जाएगा। इसके बाद उद्योगों की जरूरत के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मंगलवार को हुए एमओयू के बाद श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि मिशन के तहत रोजगार की मांग का सर्वे, प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ समन्वय, भाषा प्रशिक्षण और प्रस्थान-पूर्व उन्मुखीकरण जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। नौकरी मिलने के बाद भी युवाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ-साथ अदाणी समूह के डिफेंस कॉरिडोर और थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स में भी नौकरी के अवसर मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख सचिव डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम के अनुसार, अब तक 6004 निर्माण श्रमिकों को इजरायल भेजा जा चुका है, जबकि 1336 अन्य निर्माण श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा रेनोवेशन सेक्टर के 245 श्रमिकों को भी इजरायल भेजने की तैयारी चल रही है।
विभाग इससे पहले हिंदुजा समूह की सहयोगी कंपनी वन ओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड के साथ भी एमओयू कर चुका है। वहीं, विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को भाषा प्रशिक्षण देने के लिए ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के साथ समझौते की प्रक्रिया भी जारी है।
