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देवीपाटन मंडल में 18.35 करोड़ की 16 पर्यटन परियोजनाएं, जयवीर सिंह ने की समीक्षा

उत्तर प्रदेश सरकार देवीपाटन मंडल को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को गोंडा में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्य विभाग की प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता, समयबद्धता और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत करीब 18.35 करोड़ रुपये की लागत वाली 16 पर्यटन परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का विकास, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और देवीपाटन मंडल को धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाना है।

गोंडा में सबसे अधिक परियोजनाएं

गोंडा जिले की सात प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें मां नदना देवी मंदिर, जंबूद्वीप (राम जानकी मंदिर), भगवान कपिल मुनि आश्रम, अद्वैत स्वरूप आश्रम, भक्ति धाम और चारों धाम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया।

22.18 करोड़ से विकसित होगा छपिया धाम

बैठक में स्वामीनारायण छपिया धाम की 22.18 करोड़ रुपये की परियोजना की प्रगति भी संतोषजनक पाई गई। यहां श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं, पर्यटक सुविधा केंद्र और आकर्षक फसाड लाइटिंग विकसित की जा रही है, जिससे यह स्थल एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो सके।

बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती को भी मिलेगा लाभ

बहराइच में प्रज्ञा शिव शक्ति मंदिर, जंगलीनाथ मंदिर, जगम्रवा बाबा मंदिर और समय माता मंदिर के विकास प्रस्तावों की समीक्षा की गई। वहीं बलरामपुर में समय माता मंदिर तथा श्रावस्ती में बट्ठा कुटी स्थल और सीताद्वार पर पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं पर चर्चा हुई।

रामलीला मैदान और प्राचीन शिवालय भी होंगे विकसित

संस्कृति विभाग के तहत गोंडा और बलरामपुर के रामलीला मैदानों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इसके अलावा 3.39 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे महाराज परमहंस बरियाडीह रामलीला मैदान की प्रगति की समीक्षा की गई।

धर्मार्थ कार्य विभाग ने गोंडा के गोरिनाथ शिवाला, बहराइच के शिव बागेश्वरनाथ मंदिर और श्रावस्ती के प्राचीन शिवालयों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए।

छह महीने में पूरी हों परियोजनाएं

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं नवंबर 2026 तक पूरी की जाएं, जबकि 1.5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं छह महीने के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास केवल निर्माण कार्य तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाना भी सरकार की प्राथमिकता है।

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