रांची। PSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले छात्रों का आमरण अनशन शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में कई छात्र अब भी अनशन पर डटे हुए हैं। शुक्रवार देर शाम सरकार के साथ छात्रों की वार्ता हुई, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
छात्रों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कोई निर्णय लेगी। आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित गड़बड़ियों को देखते हुए व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है।
JPSC-JSSC में सुधार की मांग
आंदोलनकारी छात्र JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों की प्रमुख मांग सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) को रद्द कर पूरे मामले की CBI जांच कराने की है।
अनशन कर रहे छात्र राहुल ने कहा कि छात्रों की ओर से सरकार के सामने सभी मांगें रखी जा चुकी हैं। अब सरकार को इन पर निर्णय लेना है। उन्हें उम्मीद है कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द सकारात्मक फैसला लेगी।
शिबू सोरेन की तस्वीर और कटआउट के साथ प्रदर्शन
आंदोलन के दौरान छात्र दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर और कटआउट लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। छात्रों का कहना है कि शिबू सोरेन ने जिस झारखंड का सपना देखा था, वर्तमान स्थिति उस सपने के अनुरूप नहीं है।
अनशन कर रहीं छात्रा हबीबा ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड के निर्माण के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। आज राज्य को बने 26 वर्ष हो चुके हैं और यह एक युवा राज्य है। उन्होंने सरकार से शिबू सोरेन के बताए रास्ते पर चलते हुए युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने की अपील की।
स्वास्थ्य जांच के लिए मेडिकल टीम मौजूद
लगातार आमरण अनशन कर रहे छात्रों की सेहत को लेकर भी निगरानी की जा रही है। धरनास्थल पर मेडिकल टीम पहुंचकर अनशनकारी छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है।
छात्रा हबीबा ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता में मांगें रखी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बातचीत के बाद भी मामला कहां अटक रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा।
फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और सरकार की ओर से भी आंदोलन समाप्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार JPSC-JSSC में सुधार, कथित भ्रष्टाचार की जांच और सिविल सेवा PT परीक्षा को लेकर छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।
