रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी अशांति और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। UN ने अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा करने और किसी भी तरह की हिंसा या नुकसान के मामले में जवाबदेही तय करने की अपील की है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने की अपील
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि सभी अधिकारियों को लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण नुकसान पहुंचता है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
फरहान हक ने यह भी कहा कि महासचिव मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के काम और उनकी अपीलों का समर्थन करते हैं। UN ने क्षेत्र में मानवाधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता के सम्मान पर जोर दिया है।
इंटरनेट और सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदी को लेकर चिंता
संयुक्त राष्ट्र की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब PoK में सार्वजनिक सभाओं और इंटरनेट सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। UN ने अधिकारियों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता समेत नागरिकों के मूल अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है।
मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी क्षेत्र में बढ़ती अशांति और प्रदर्शनकारियों की मौतों पर चिंता जताई है। उन्होंने पाकिस्तान से Joint Awami Action Committee (JAAC) पर लगाए गए प्रतिबंध और उसके नेताओं की गिरफ्तारियों की निष्पक्ष एवं गहन जांच की मांग की है।
राजनीतिक संवाद से समाधान निकालने पर जोर
UN के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जून से जारी तनाव के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौतें हुई हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हिंसा से बचने की अपील की है।
मानवाधिकार प्रमुख ने पाकिस्तान के अधिकारियों से स्थानीय लोगों की मूल समस्याओं का समाधान सार्थक और समावेशी राजनीतिक संवाद के जरिए निकालने का आग्रह किया है। UN का कहना है कि तनाव को कम करने के लिए बातचीत और नागरिक अधिकारों का सम्मान जरूरी है।
मौतों के आंकड़ों पर अलग-अलग दावे
JAAC की ओर से दावा किया गया है कि 27 जुलाई को पहले चरण के मतदान के दौरान 40 से अधिक लोग मारे गए। संगठन ने जून के पहले सप्ताह से अब तक करीब 400 प्रदर्शनकारियों की मौत का भी दावा किया है।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन आंकड़ों को अतिशयोक्तिपूर्ण बताते हुए खारिज किया है। ऐसे में हिंसा में हुई मौतों की संख्या को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
फिलहाल संयुक्त राष्ट्र का जोर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, नागरिक स्वतंत्रता, जवाबदेही और राजनीतिक संवाद के जरिए तनाव का समाधान निकालने पर है।
