न्यूज डेस्क – बरेली
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

यात्रा की शुरुआत विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से हुई। यहां अतिथियों का पौधे भेंटकर स्वागत किया गया। इसके बाद तिरंगे गुब्बारे उड़ाकर देश की समृद्धि और प्रगति की कामना की गई। यात्रा स्वर्ण जयंती द्वार स्थित स्वामी विवेकानंद प्रेरणा स्थल पहुंची, जहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. केपी सिंह, बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम और बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और विद्यार्थी शामिल हुए।

युवाओं को बताया राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और विकास यात्रा के प्रमुख वाहक हैं। उन्होंने तिरंगे को देश की एकता, अखंडता, गौरव और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग का प्रतीक बताया। उन्होंने युवाओं से अधिकारों के साथ कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने की अपील की। साथ ही ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

विवेकानंद के आदर्श अपनाने की अपील
मेयर डॉ. उमेश गौतम ने विश्वविद्यालय की प्रगति को बरेली के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी यह दिखाती है कि नई पीढ़ी राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में अपनाने की अपील की।
विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने युवाओं से मोबाइल की आभासी दुनिया से बाहर निकलकर नई सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा, नवाचार, अनुशासन और सामाजिक सेवा को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।

प्रो. एमडी तिवारी मार्ग का उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित प्रो. एमडी तिवारी मार्ग का भी उद्घाटन किया गया। इस मौके पर कुलसचिव महेंद्र कुमार सिंह, प्रो. विनय ऋषिवाल, प्रो. ए.के. सिंह, प्रो. एसएस बेदी, तपन वर्मा सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
