रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बुद्धेश्वर पेट्रोल पंप के सामने बड़ी संख्या में छात्रों के प्रदर्शन के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सूचना मिलने पर पारा पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने के साथ यातायात व्यवस्था सुचारु कराने का प्रयास किया।
छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में करीब 450 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए महज सात शिक्षक हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की संख्या कम होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तत्काल तैनाती की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सड़क पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। बड़ी संख्या में छात्रों के सड़क पर आने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिसकर्मी छात्रों से बातचीत कर उन्हें सड़क से हटाने और यातायात सामान्य कराने में जुटे रहे।

शिक्षकों की कमी दूर होने तक आंदोलन की चेतावनी
छात्रों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण पढ़ाई का स्तर प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि कई विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक विद्यालय में शिक्षकों की कमी दूर नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
भोजन और अव्यवस्थाओं को लेकर भी पहले कर चुके हैं प्रदर्शन
इसी विद्यालय के छात्रों ने इससे पहले विद्यालय की अव्यवस्थाओं और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी प्रदर्शन किया था। छात्रों ने आरोप लगाया था कि विद्यालय में मिलने वाले भोजन में कई बार कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई, लेकिन उनकी समस्याओं पर उचित कार्रवाई नहीं हुई।

छात्रों ने विद्यालय के फार्मासिस्ट पर भी लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि तबीयत खराब होने पर पर्याप्त उपचार नहीं मिलता और सिर्फ दवा देकर मामला टाल दिया जाता है।
मंत्री और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनी थी समस्याएं
पिछले प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और प्रमुख सचिव अनुराग यादव मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर शांत कराया और विद्यालय परिसर में उनकी समस्याएं सुनी थीं। छात्रों को समस्याओं का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
मंत्री असीम अरुण ने कहा था कि शिक्षकों की कमी के कारण भी छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार की ओर से एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर मामले के निस्तारण का प्रयास किए जाने की बात कही गई थी।
फिलहाल शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों का प्रदर्शन एक बार फिर सामने आने से विद्यालय की व्यवस्थाओं और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों ने पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
