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हमीरपुर बेतवा पुल हादसा: 80 दिन बाद भी छह मौतों की अंतिम जवाबदेही तय नहीं

रिपोर्ट – अंकित पाण्डेय

हमीरपुर। बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल के पियर-5 और सेगमेंट गिरने से छह श्रमिकों की मौत हुए करीब 80 दिन बीत चुके हैं, लेकिन हादसे के लिए अंतिम जिम्मेदारी अब तक तय नहीं हो सकी है। 28/29 मई की रात हुए इस हादसे के बाद तकनीकी जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कोई बड़ी खामी सामने नहीं आई है। जांच में तेज आंधी-तूफान के दौरान निर्माण कार्य जारी रहना हादसे की प्रमुख वजह बताई गई है।

 

शासन की तीन सदस्यीय टीम ने एक जून को मौके पर पहुंचकर पियर-5 से कंक्रीट, सरिया, कपलर और एग्रीगेट के नमूने लिए थे। इन नमूनों की जांच आईआईटी-बीएचयू में कराई गई। जुलाई के पहले सप्ताह में तकनीकी जांच रिपोर्ट सेतु निगम को मिलने की बात सामने आई है। रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की भी जानकारी है।

हादसे के बाद सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को निलंबित किया गया था, जबकि डीपीएम दिलीप कुमार के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। हालांकि, दोनों के खिलाफ कार्रवाई फिलहाल जांच तक सीमित है। वहीं, निर्माण कंपनी द शेल्टर को ब्लैकलिस्ट और डिबार किया जा चुका है, लेकिन छह श्रमिकों की मौत की अंतिम जवाबदेही अभी तय नहीं हुई है।

हादसे के बाद जिला प्रशासन की ओर से भी जांच समिति गठित की गई थी, लेकिन शासन स्तर पर तकनीकी जांच शुरू होने के बाद जिला स्तरीय समिति को भंग कर दिया गया।

मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। अब परिजन और स्थानीय लोग हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, पूरे निर्माणाधीन पुल की स्टेबिलिटी जांच पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। अब सवाल यही है कि छह श्रमिकों की जान जाने के करीब 80 दिन बाद आखिर अंतिम जिम्मेदारी कब तय होगी।

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