न्यूज डेस्क, लखनऊ
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। एलिवेटेड रोड की लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन पर रविवार शाम से भारी वाहनों की एंट्री बंद है। सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ गार्ड भी तैनात किए गए हैं। सोमवार को दरोगा खेड़ा के पास एलिवेटेड रोड की शुरुआत पर भारी वाहनों को रोकने के लिए बोल्डर लगाए गए।
एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने और जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्नाव के कोरारी क्षेत्र में किलोमीटर 63 से 65 के बीच सड़क धंसने की बात सामने आई है। मौके पर तैनात गार्डों ने इसी वजह से भारी वाहनों को आगे जाने से रोकने की जानकारी दी।
वहीं, एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली पहले ही निलंबित की जा चुकी है। यह रोक आईआईटी खड़गपुर के प्रो. केएस रेड्डी की तकनीकी जांच रिपोर्ट आने तक जारी रहेगी। प्रो. रेड्डी ने सात अगस्त को एक्सप्रेसवे की क्षतिग्रस्त सड़क के नमूने लिए थे। हालांकि, 17 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
सड़क धंसने से बढ़ी चिंता
एक्सप्रेसवे की सड़क लगातार धंस रही है, जिसकी मरम्मत का काम पीएनसी की ओर से कराया जा रहा है। एलिवेटेड रोड पर भी साइड की दीवारों और एक्सपेंशन जॉइंट के आसपास सड़क दबने की समस्या सामने आई है।
एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कार्य पूरे होने तक टोल वसूली शुरू नहीं की जाएगी।
हालांकि, एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने एलिवेटेड रोड पर वाहनों के प्रवेश पर रोक से इनकार किया है। ऐसे में मौके पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और एनएचएआई के आधिकारिक बयान के बीच स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
