रिपोर्ट – अंकित पाण्डेय
हमीरपुर। जिलाधिकारी श्री अभिषेक गोयल के निर्देशन में जनपद में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न स्तरों पर किए जा रहे निरंतर एवं समन्वित प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव सामने आया है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों के साथ बेहतर समन्वय, दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुधारात्मक कार्य तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा NH-34 पर किए गए विभिन्न सुरक्षा संबंधी कार्यों के फलस्वरूप वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में जनवरी से जुलाई की अवधि में सड़क दुर्घटनाओं, मृतकों एवं घायलों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
आंकड़ों में दर्ज हुई कमी
उपलब्ध तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई 2025 में जनपद में 251 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि वर्ष 2026 की समान अवधि में यह संख्या घटकर 179 रह गई। इस प्रकार सड़क दुर्घटनाओं में 72 मामलों की कमी अर्थात 28.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
इसी अवधि में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 139 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी, जो वर्ष 2026 में घटकर 111 रह गई। इस प्रकार मृतकों की संख्या में 28 की कमी अर्थात 20.1 प्रतिशत की कमी आई।
वहीं वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 194 व्यक्ति घायल हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या घटकर 153 रह गई, जो 21.1 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।
NH-34 पर सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए प्रमुख कार्य:
जिलाधिकारी के निर्देशन में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर समीक्षा के साथ-साथ NH-34 पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा भी सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं।
इनमें सड़क की सतह की नियमित जांच, गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान, बिटुमिनस पैच रिपेयर एवं सड़क की सतह का सुधार शामिल है। दुर्घटना एवं क्षति की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर प्री-मानसून मरम्मत कार्य भी कराए गए हैं।
विशेष रूप से यमुना पुल, बेतवा पुल, चंद्रावल पुल तथा चिह्नित नगरीय क्षेत्रों में सड़क की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कार्य किए गए। मानसून के दौरान भी गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त हिस्सों की निगरानी कर आवश्यकतानुसार त्वरित मरम्मत की जा रही है। अप्रैल से जुलाई 2026 के मध्य प्रमुख हॉट-बिटुमिनस मरम्मत कार्य भी कराए गए।
सड़क सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए T-Junction एवं लिंक रोड के पहुंच मार्गों पर अनिवार्य, चेतावनी एवं दिशात्मक संकेतक बोर्ड लगाए गए हैं। लगभग 48 लिंक-रोड स्थानों को सावधानी, नियामक एवं चेतावनी संबंधी साइनेज से कवर किया गया है।
प्रत्येक संबंधित लिंक-रोड पर आवश्यकता के अनुसार T-Junction, STOP, GIVE WAY तथा 30 किलोमीटर प्रति घंटा गति सीमा से संबंधित संकेतक लगाए गए हैं। इन कार्यों के अंतर्गत 72-72 नग T-Junction बोर्ड, 30 किमी/घंटा गति सीमा बोर्ड, STOP साइन बोर्ड एवं GIVE WAY साइन बोर्ड लगाए गए हैं। इससे वाहन चालकों को चौराहों एवं लिंक रोड के पहुंच मार्गों पर पहले से संकेत मिलने, गति नियंत्रित करने तथा सुरक्षित तरीके से मार्ग परिवर्तन करने में सहायता मिल रही है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, सड़क की स्थिति में सुधार, यातायात संकेतकों की उपलब्धता, यातायात नियमों के अनुपालन तथा सड़क सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क की बेहतर स्थिति, स्पष्ट यातायात संकेतक, नियंत्रित गति, प्रभावी निगरानी और वाहन चालकों में जागरूकता—इन सभी का महत्वपूर्ण योगदान है। जनपद में सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, सड़क संकेतकों का पालन करें तथा वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। प्रशासन एवं नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में और अधिक कमी लाई जा सकती है।
