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लखनऊ में नया पर्यटन स्थल तैयार, 29 अगस्त को राजनाथ सिंह करेंगे फ्रेगरेंस पार्क का लोकार्पण

रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला

लखनऊ। राजधानी के पुराने लखनऊ में लंबे समय से उपेक्षित पड़ी जमीन अब सुगंध, हरियाली और देशभक्ति के संदेश से गुलजार हो गई है। लाजपत नगर में घंटाघर के सामने, बड़े इमामबाड़े और छोटे इमामबाड़े के आसपास लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से विकसित कराया गया फ्रेगरेंस पार्क अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ शहर में आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया केंद्र बन गया है।

पार्क का औपचारिक लोकार्पण 29 अगस्त को केंद्रीय रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह करेंगे। इसी कार्यक्रम में महानायक लाला लाजपत राय और शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं का भी अनावरण किया जाएगा।

200 से अधिक प्रजातियों के पौधों से महक रहा पार्क

फ्रेगरेंस पार्क को उसके नाम के अनुरूप तैयार किया गया है। पार्क परिसर में 200 से अधिक प्रजातियों के सुगंधित, सजावटी और औषधीय पौधे लगाए गए हैं। इनमें रात की रानी, स्टार जैस्मिन, गंधराज, चांदनी, बेला, मोगरा और तुलसी जैसी प्रजातियां प्रमुख हैं। इसके अलावा पार्क में अलग-अलग किस्म के फूलदार और सुगंधित पौधों को इस तरह लगाया गया है कि यहां आने वाले लोगों को हरियाली के साथ प्राकृतिक खुशबू का भी अनुभव हो सके।

पार्क में लगाए गए पौधों की केवल सुंदरता पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि लोगों को उनके बारे में जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। पौधों की किस्म, उनके उपयोग और विशेषताओं से जुड़ी जानकारी पार्क में प्रदर्शित की गई है। इससे बच्चों और पर्यटकों को मनोरंजन के साथ-साथ पौधों और प्रकृति के बारे में जानकारी भी मिल सकेगी।

शाम होते ही रोशनी से जगमगा उठता है पार्क

फ्रेगरेंस पार्क का एक खास आकर्षण इसकी लाइटिंग भी है। शाम ढलते ही पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठता है। हरियाली, फूलों की खुशबू और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था पार्क को खास रूप देती है। यही वजह है कि शाम के समय यहां स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ रही है।

एलडीए की ओर से पार्क में आने वाले लोगों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। परिसर में बच्चों के लिए झूले, बैठने की व्यवस्था और कैफे बनाया गया है। इसके अलावा यहां इंटरप्रिटेशन सेंटर भी तैयार किया गया है, जहां वीडियो के माध्यम से पार्क में लगाए गए विभिन्न पौधों और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी जाती है।

इंटरप्रिटेशन सेंटर में मिलेगी पौधों की जानकारी

पार्क का इंटरप्रिटेशन सेंटर इसे सामान्य पार्कों से अलग बनाता है। यहां आने वाले लोग केवल घूमने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें पार्क में मौजूद पौधों और उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी भी मिलेगी। वीडियो और अन्य माध्यमों के जरिए पौधों की पहचान, उनकी विशेषता और उपयोग से संबंधित जानकारी दी जा रही है।

इससे पार्क को एक मनोरंजन स्थल के साथ-साथ शैक्षिक और पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित करने की कोशिश की गई है।

देशभक्ति का संदेश देंगी लाला लाजपत राय और भगत सिंह की प्रतिमाएं

फ्रेगरेंस पार्क में स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों लाला लाजपत राय और शहीद भगत सिंह की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। 29 अगस्त को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। प्रतिमाओं के जरिए पार्क में आने वाले लोगों, खासकर युवाओं को देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

महानायकों की प्रतिमाओं और हरियाली से सजे पार्क का यह संयोजन पुराने लखनऊ के इस हिस्से को एक अलग पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उपेक्षित जमीन को मिला नया रूप

स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ वर्ष पहले तक यह स्थान उपेक्षित पड़ा था। आसपास के ऐतिहासिक स्थलों की वजह से इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन खाली और अनुपयोगी जमीन क्षेत्र की खूबसूरती पर असर डालती थी। अब एलडीए ने इसी जमीन को विकसित कर इसे एक व्यवस्थित और आकर्षक पार्क का रूप दिया है।

फ्रेगरेंस पार्क के विकास से क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भी पार्क और संग्रहालय का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, मंच व्यवस्था, वीआईपी आवाजाही और आम लोगों के बैठने की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए थे।

लखनऊ सांस्कृतिक एवं कला संग्रहालय भी होगा आकर्षण

फ्रेगरेंस पार्क के साथ लखनऊ सांस्कृतिक एवं कला संग्रहालय भी तैयार किया गया है। एलडीए की इन परियोजनाओं का उद्देश्य पुराने लखनऊ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को और मजबूती देना है। पार्क और संग्रहालय के विकसित होने से इस क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर हरियाली, इतिहास, कला और संस्कृति का अनुभव मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ की पहचान उसकी ऐतिहासिक इमारतों, कला, संस्कृति और तहजीब से रही है। जिला प्रशासन भी शहर की संस्कृति को लखनऊ की विशिष्ट पहचान मानता है। ऐसे में पुराने शहर में इस तरह के नए पर्यटन स्थलों का विकास स्थानीय विरासत और आधुनिक सुविधाओं के बीच एक नया तालमेल बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

सुरक्षा के भी इंतजाम

पार्क में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। आगंतुकों के बैठने, बच्चों के मनोरंजन और खानपान की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए परिसर को तैयार किया गया है। लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर भी एलडीए की ओर से मंच, सुरक्षा, प्रोटोकॉल और जनसामान्य की आवाजाही से जुड़ी तैयारियां की जा रही हैं।

कुल मिलाकर, फ्रेगरेंस पार्क पुराने लखनऊ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बीच एक नए हरित और पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है। 29 अगस्त को इसके लोकार्पण के बाद इसके आम लोगों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।

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