न्यूज डेस्क ,लखनऊ
राजधानी लखनऊ में H1N1 इंफ्लूएंजा संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। शहर में H1N1 के तीन मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें एक मरीज राम मनोहर लोहिया अस्पताल और दो मरीज बलरामपुर अस्पताल में भर्ती हैं। संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि H1N1 की जांच और इलाज को लेकर केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दी गई है। इसके साथ ही सभी जिला अस्पतालों में बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
शनिवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी H1N1 संक्रमण की स्थिति और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
जिला अस्पतालों में जांच और दवा निशुल्क
सीएमओ ने बताया कि सभी जिला स्तरीय अस्पतालों में H1N1 की जांच और दवा निशुल्क उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी, जुकाम या अन्य लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर जांच और इलाज कराया जाए।
उन्होंने लोगों को खुद से दवा लेने और किसी अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से बचने की सलाह दी
H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों को अनावश्यक पैनिक से बचना चाहिए। बीमारी से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों पर ही विश्वास करें।
किसी भी आपात स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर **0522-2622080** पर संपर्क किया जा सकता है।
क्या है H1N1 इंफ्लूएंजा?
H1N1 इंफ्लूएंजा वायरस का एक प्रकार है। यह मुख्य रूप से सांस से जुड़ी बीमारी पैदा करता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।
H1N1 के क्या हैं लक्षण?
H1N1 संक्रमण में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
* बुखार खांस*
नाक बहना
* गले में खराश
* सिर दर्द
* बदन में दर्द
* ठंड लगना
* आंखों में लालिमा
संक्रमित होने के बाद आमतौर पर **दो से तीन दिन में लक्षण दिखाई देने लगते हैं**। इसका इन्क्यूबेशन पीरियड सामान्य तौर पर एक से चार दिन का होता है। कुछ मामलों में यह अवधि सात दिन तक भी हो सकती है।
कैसे फैलता है H1N1 संक्रमण?
H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए फैल सकता है। इसके अलावा संक्रमित सतह या वस्तु को छूने और हाथों की ठीक से सफाई न करने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
इन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूर
* 10 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग
* गर्भवती महिलाएं
* डायबिटीज, कैंसर, HIV/AIDS या अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग
* फेफड़े, हृदय, किडनी या लीवर की बीमारी वाले मरीज
* लंबे समय से कॉर्टिसोन जैसी दवाएं लेने वाले मरीज
H1N1 से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक संक्रमण से बचने के लिए खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें। हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से साफ करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और बातचीत के दौरान उचित दूरी बनाए रखें।
अगर बुखार, खांसी या जुकाम जैसे लक्षण हैं तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
