रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत दिव्यांग शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर सोमवार को राजधानी लखनऊ में दिव्यांग महागठबंधन ने जोरदार प्रदर्शन किया। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा (जीपीओ) पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंचे दिव्यांग शिक्षकों ने लंबित स्थानांतरण सूची जल्द जारी करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दिव्यांग शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। शिक्षकों ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और शासनादेश के तहत स्थानांतरण की व्यवस्था का हवाला देते हुए शासन से जल्द सूची जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रिया में आवेदन करने वाले शिक्षकों को अब सूची जारी होने का इंतजार है।
गांधी प्रतिमा पर जुटे अलग-अलग जिलों के शिक्षक
सोमवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से दिव्यांग शिक्षक लखनऊ पहुंचे। सभी ने गांधी प्रतिमा पर एकजुट होकर अपनी मांग को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
प्रदर्शन को देखते हुए गांधी प्रतिमा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई और मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में शिक्षकों ने धरना जारी रखने का ऐलान किया।
अपर मुख्य सचिव से हुई वार्ता
प्रदर्शन के दौरान दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेंद्र कुमार ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से मुलाकात कर अंतरजनपदीय स्थानांतरण के मुद्दे पर चर्चा की। शिक्षकों की ओर से लंबित सूची को जल्द जारी करने की मांग रखी गई।
वार्ता के बाद शिक्षकों को सकारात्मक आश्वासन मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद प्रदर्शनकारी शिक्षकों को उम्मीद है कि बेसिक शिक्षा विभाग जल्द ही अंतरजनपदीय स्थानांतरण की सूची जारी कर सकता है।
पहले भी हो चुका है प्रदर्शन
इससे पहले 31 अगस्त को भी दिव्यांग महागठबंधन ने लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन किया था। संगठन ने आरोप लगाया था कि शासनादेश और आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद दिव्यांग शिक्षकों की स्थानांतरण सूची जारी नहीं की गई है। संगठन की ओर से 6 सितंबर तक सूची जारी नहीं होने पर 7 सितंबर को बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी।
अब 7 सितंबर को गांधी प्रतिमा पर हुए प्रदर्शन के बाद शिक्षकों की नजर विभाग की अगली कार्रवाई पर है। सकारात्मक आश्वासन के बाद शिक्षकों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित अंतरजनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
