न्यूज़ डेस्क, मेरठ
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के अवसर पर एमपी फाउंडेशन एवं अवधूत शिक्षा एवं समाजसेवा ट्रस्ट की ओर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कॉलेज (डीडीयूएमसी) के सभागार में संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह ‘गुरुवर तुम्हें प्रणाम’ का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले करीब 50 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। शिक्षकों के सम्मान के साथ शिक्षा व्यवस्था में लगातार गिरते नैतिक मूल्यों पर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर जताई चिंता
मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उमेश चंद त्यागी ने शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान गौरव की बात है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और उसमें आ रहे नैतिक पतन पर भी मंथन जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना और रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का विकास भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विशिष्ट अतिथि कर्नल ओंकार शर्मा ने कहा कि शिक्षक का प्रभाव समाज और राष्ट्र के भविष्य पर पड़ता है। यदि शिक्षकों को अपनी भूमिका निभाने का उचित अवसर और सम्मान मिले तो समाज में अनुशासन और संस्कार स्वतः मजबूत होंगे।
पूर्व प्राचार्य डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। उनके व्यक्तित्व और विचारों का प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर पड़ता है। डीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की परंपरा का सम्मान है।
डॉ. राधाकृष्णन के योगदान पर डाला प्रकाश
समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं इतिहासकार डॉ. किरण सिंह ने की। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, उनके शैक्षिक चिंतन और शिक्षक के रूप में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार त्यागी ने किया। अवधूत शिक्षा एवं समाजसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. गंगादास सिंह एवं नरेश उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त किया।
चार पुस्तकों का हुआ विमोचन
समारोह के दौरान आदर्श शिक्षकों के जीवन परिचय पर आधारित पुस्तक ‘गुरुवर तुम्हें प्रणाम’ सहित चार पुस्तकों का विमोचन किया गया। मंचासीन अतिथियों ने प्रधानाचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार त्यागी, शिक्षाविद् डॉ. गंगादास सिंह एवं सुशीला जैनर द्वारा लिखित पुस्तकों का भी विमोचन किया।
शिक्षकों को किया गया सम्मानित
समारोह में शिक्षाविद् जगतवीर सिंह जगन्नाथ, डॉ. सतीश शर्मा, संजीवेश्वर प्रकाश त्यागी, डॉ. गंगादास सिंह, कमलेश चंद शर्मा, महेंद्र शर्मा, पूनम त्यागी, विश्वास राणा, सुशीला जैनर, डॉ. विजय उमराव, राजीव कुमार शर्मा ‘गंभीर’, निर्देश त्यागी, अर्चना गौड़, मुकेश त्यागी, कुंजन शर्मा, ज्योति शर्मा और विशेष शर्मा समेत अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कवियों डॉ. ईश्वर चंद गंभीर, गोपाल जानम, कमलेश चंद शर्मा, सतीश अरोरा, डोरीलाल भास्कर और मंगल सिंह मंगल ने काव्यपाठ किया। इससे समारोह में साहित्यिक रंग भी देखने को मिला। इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
