रिपोर्ट- प्रिया बजपेई शुक्ला
श्रद्धेय संत नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बड़ी पहल की है।
बाबा के जीवन और उनसे जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ विकसित किया जा रहा है। महासमाधि दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने श्रद्धालुओं के लिए पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए हैं।
इन टूर पैकेज में 2, 3 और 5 दिन की यात्राएं शामिल हैं। पर्यटकों की मांग के अनुसार इनका संचालन दिल्ली और लखनऊ से किया जाएगा। टूर पैकेज की जानकारी के लिए +91 91490 99890 पर संपर्क किया जा सकता है।
12.93 करोड़ रुपये से विकसित हो रहे पर्यटन स्थल
नीब करोरी बाबा से जुड़े स्थलों के विकास के लिए फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में करीब 12.93 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। फिरोजाबाद के अकबरपुर को बाबा की जन्मस्थली के रूप में विकसित किया जा रहा है।
परियोजना के पहले चरण में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। वहीं 2.22 करोड़ रुपये की दूसरे चरण की परियोजना का 60 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी जल्द शुरू की जाएगी।
फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम के विकास के लिए 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है।
अकबरपुर में बनेंगी आधुनिक सुविधाएं
अकबरपुर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यहां बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन एवं आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित आधुनिक प्रदर्शनी हॉल बनाया जा रहा है।
इसके अलावा डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाली कैफेटेरिया, रसोई, शौचालय और करीब 60 लोगों के ठहरने के लिए डॉरमेट्री भी विकसित की जा रही है। दूसरे चरण में गार्ड रूम, सार्वजनिक सुविधाएं और पत्थर के रास्ते बनाए जा रहे हैं।
ग्रामीण पर्यटन परियोजना के तहत प्रवेश द्वार, साइनेज, म्यूरल वॉल और अन्य पर्यटक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फर्रुखाबाद के नीब करोरी आश्रम में भी यात्रियों के ठहरने के लिए भवन, मुख्य द्वार और सार्वजनिक उपयोग की सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं।
चार प्रमुख स्थल सर्किट में शामिल
‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ में बाबा की आध्यात्मिक यात्रा से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़ा जा रहा है। इसमें वृंदावन का समाधि मंदिर, फिरोजाबाद का अकबरपुर गांव, फर्रुखाबाद का नीब करोरी बाबा आश्रम धाम मंदिर और लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर शामिल हैं।
वृंदावन में वर्ष 1973 में बाबा ने महासमाधि ली थी। वहीं फर्रुखाबाद स्थित आश्रम को बाबा की साधना से जोड़ा जाता है। इस सर्किट के जरिए बाबा की जन्मस्थली से लेकर उनके समाधि स्थल तक प्रमुख स्थानों को एक पर्यटन मार्ग में जोड़ने की तैयारी है।
जयवीर सिंह ने कहा- विरासत को संरक्षित कर रही सरकार
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का महासमाधि दिवस उनके आस्था, सादगी और सेवा के संदेश को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बाबा की विरासत भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के लोगों को भी प्रेरित करती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बाबा के जीवन और विरासत से जुड़े स्थलों की पर्यटन क्षमता पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अब इन स्थलों को विकसित करने और बाबा की विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
पर्यटन विभाग ने बताया अहम कदम
अपर मुख्य सचिव एवं पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने कहा कि ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन में नया आयाम जोड़ेगा। प्रमुख स्थलों को एक सर्किट में जोड़ने से श्रद्धालुओं के लिए इन स्थानों की यात्रा आसान होगी।
उन्होंने कहा कि महासमाधि दिवस पर शुरू किए गए विशेष टूर पैकेज इस पहल को और उपयोगी बनाएंगे। इससे बाबा की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश के साथ-साथ विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
टूर पैकेज की जानकारी के लिए संपर्क: +91 91490 99890वेबसाइट: upstdc.co.in
