रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
देशभर में आज सरकारी बैंककर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। पिछले कुछ समय से बैंक कर्मचारियों में अपनी मांगों को लेकर रोष देखने को मिल रहा है। सरकार के साथ लगातार बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकलने के बाद आज एक बार फिर बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान PLI, 5 डे वर्किंग और पुरानी पेंशन योजना (OPS) समेत कई मांगों को लेकर आवाज उठाई गई।
इसी कड़ी में महानगरी मुंबई में बैंककर्मियों ने आजाद मैदान में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने 5 डे वर्किंग की मांग को जल्द लागू करने की मांग उठाई।

CBOA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विन्नी मार्टिस ने कहा कि 5 डे वर्किंग बैंक कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह मामला लंबे समय से वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के पास लंबित है।
CBOA के संयुक्त महासचिव प्रभाकर कुमार ने बताया कि मार्च 2024 में IBA और UFBU के बीच 5 डे वर्किंग को लेकर एक नोट पर हस्ताक्षर हुए थे, लेकिन अभी तक DFS और वित्त मंत्रालय की मंजूरी नहीं मिली है। इसके चलते यह मामला अब भी लंबित है।
प्रदर्शन के दौरान कहा गया कि करीब 8.5 लाख बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मांगें नहीं माने जाने पर 28 ,29 और 30 सितंबर को दोबारा हड़ताल की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 26 अक्टूबर से देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी ऐलान किया गया है।

बैंककर्मियों ने फेयर PLI की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को एक साल के बेसिक वेतन का 80, 70 और 60 प्रतिशत तक PLI दिया जा रहा है, जबकि स्केल-1, 2, 3 और अन्य कर्मचारियों के लिए 15 दिनों के PLI का प्रावधान है।
बैंककर्मियों का कहना है कि एक ही बैंक में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच PLI में इस तरह का अंतर उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान 5 डे वर्किंग, फेयर PLI और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को लेकर भी जोरदार तरीके से आवाज उठाई गई।
