रिपोर्ट : ममता भारद्वाज
आगरा में अखिल भारतीय खटीक समाज की ओर से मंडल स्तरीय खटिक गर्जना सम्मेलन’ का आयोजन खंदारी स्थित राव कृष्णपाल सिंह सभागार में किया गया। सम्मेलन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया तथा सांसद डॉ. भोला सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संत दुर्बलनाथ जी के 165वें अवतरण दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि संत दुर्बलनाथ जी केवल खटिक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन समाज के संत हैं।
उनके व्यक्तित्व और संदेश को किसी एक समाज तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उनके विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि खटिक समाज हमेशा धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था कर्म आधारित है और प्रत्येक व्यक्ति का मूल कर्तव्य धर्म एवं राष्ट्र की रक्षा करना है।
शिक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
रक्षामंत्री ने कहा कि कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता और न ही कोई व्यक्ति तुच्छ होता है। समाज की प्रगति के लिए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। खासकर महिलाओं और बेटियों को शिक्षित और सशक्त बनाना समय की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने का समय है। बाबा साहेब का संदेश अराजकता फैलाना नहीं, बल्कि संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना था।
राजनाथ सिंह ने सम्मेलन में समाज को एकजुट रहने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, “टूटने से हम बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे।”**
