Homeनई दिल्लीज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, राहुल-प्रियंका आकाशवाणी में धरने पर

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, राहुल-प्रियंका आकाशवाणी में धरने पर

रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला

दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली में विपक्षी दलों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियों के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठाया।

हालांकि, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरकर आकाशवाणी परिसर में ही धरने पर बैठ गए। दोनों नेता तीन घंटे से ज्यादा समय से पेड़ के नीचे बैठकर चुनाव आयोग तक जाने की मांग कर रहे हैं। आकाशवाणी परिसर से चुनाव आयोग का कार्यालय करीब 270 मीटर दूर बताया जा रहा है।

राहुल गांधी का आरोप- चुनाव आयोग ने BJP की मदद की

धरने के दौरान राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ में बीजेपी की मदद की है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें वहां तक जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।

राहुल गांधी ने दावा किया कि करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद चुनाव आयोग से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव आयोग जनप्रतिनिधियों से ही नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है।

राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए प्रदर्शन कर रहा है।

अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त निष्पक्ष हैं तो उन्हें विपक्ष की बात सुननी चाहिए। अखिलेश ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग केवल बीजेपी के लिए काम करता दिखाई दे रहा है।

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि SIR की घोषणा के बाद से ही समाजवादी पार्टी इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया नहीं जाता, विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।

विपक्ष की पांच प्रमुख मांगें

विपक्षी दलों ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची में पारदर्शिता, SIR पर रोक, मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में नोटिस और अपील का अधिकार तथा चुनाव में बैलेट पेपर की वापसी शामिल है।

विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। वहीं सत्ता पक्ष इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर जनादेश का अपमान करने का आरोप लगा रहा है।

दिल्ली से आगरा तक विरोध

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का असर दिल्ली से बाहर भी दिखाई दिया। आगरा में मंगलवार को उनके पैतृक घर का शुद्धिकरण कराया गया। उनकी मां सत्यवती ने आरोप लगाया कि कुछ लोग 28 सितंबर को घर के बाहर आए थे और उन्होंने घर को गंदा किया था।

इस बीच, दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए अशोक रोड, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।

फिलहाल राहुल-प्रियंका आकाशवाणी परिसर में धरने पर हैं और चुनाव आयोग तक मार्च करने की अनुमति दिए जाने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने साफ किया है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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