नई दिल्ली। इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट आज सिर्फ संचार का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी आसान बनाने का बड़ा साधन बन चुके हैं। बैंकिंग, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों से जुड़ी सैकड़ों सेवाएं अब मोबाइल फोन के जरिए उपलब्ध हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है। उनके मुताबिक, इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि तकनीक का इस्तेमाल पारदर्शिता और आम लोगों की सुविधा बढ़ाने के लिए किया जाए।
2022 में इसी मंच से शुरू हुई थी 5G सेवा
पीएम मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के पिछले आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 में इसी मंच से भारत में 5G की शुरुआत की गई थी। 2023 में भी इसी मंच से देश की 5G प्रगति और भविष्य की दिशा को सामने रखा गया था। इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस में AI, 6G और नई डिजिटल तकनीकों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
तीन दिवसीय आयोजन में 100 से ज्यादा देशों के करीब डेढ़ लाख लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
साइबर फ्रॉड पर बोले मोदी- ग्लोबल फ्रेमवर्क जरूरी
प्रधानमंत्री ने 4].साइबर सुरक्षा को बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि साइबर फ्रॉड की कोई सीमा नहीं होती। एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश की मदद से तीसरे देश में अपराध कर सकता है। ऐसे में साइबर अपराध रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर एक समान फ्रेमवर्क तैयार करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक तकनीकी प्रोटोकॉल की भाषा नहीं समझता। उसे बस यह भरोसा चाहिए कि फोन करने वाला कौन है, उसका पैसा सुरक्षित है और उसका डेटा सुरक्षित है।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर भी जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण में सप्लाई चेन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले समय में डिजाइन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी अपनी क्षमता बढ़ानी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने कंज्यूमर से क्रिएटर बनने की दिशा में यात्रा की है। अब डिजाइन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी भारत की भूमिका बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मोबाइल और इंटरनेट से गांवों तक पहुंची शिक्षा
मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल पेमेंट जैसी सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद की है। पीएम मोदी ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा के माध्यमों से गांवों और गरीब परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच मिल रही है।
उन्होंने कोविड के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 तक दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ से अधिक लर्निंग सेशन दर्ज किए गए थे।
सिंधिया बोले- भारत में 100 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर्स
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या करीब 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल डेटा की कीमत कम है। उनके मुताबिक, 1 जीबी डेटा की कीमत करीब 8 रुपये है।
सिंधिया ने कहा कि कम डेटा कीमत और बढ़ते इंटरनेट इस्तेमाल ने देश में कनेक्टिविटी का दायरा तेजी से बढ़ाया है।
IMC में दिखेंगी 6G और AI आधारित तकनीकें
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में सैटेलाइट कम्युनिकेशन, AI आधारित प्री-6G नेटवर्क और इंटीग्रेटेड सेंसिंग एंड कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजन में 6G इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और मशीन लर्निंग से जुड़े विषयों पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।
