रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को वेतन में असमानता के विरोध में बॉन्डेड डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। गांधी प्रतिमा के बाहर सड़क पर बैठकर डॉक्टरों ने समान डिग्री के आधार पर समान वेतन देने और लंबे समय से लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने डॉक्टरों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
समान डिग्री और सेवाएं, फिर वेतन में अंतर क्यों?
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने वेतन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनकी डिग्री और कार्य की प्रकृति समान है, तो वेतन में अंतर क्यों किया जा रहा है। डॉक्टरों ने मांग की कि सभी पात्र बॉन्डेड डॉक्टरों के लिए समान वेतन व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही, लंबे समय से बकाया एरियर का भुगतान भी जल्द किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में दे रहे स्वास्थ्य सेवाएं
बॉन्डेड डॉक्टरों का कहना है कि वे ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण आबादी को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में उनकी अहम भूमिका है। इसके बावजूद वेतन में अंतर होने से डॉक्टरों में असंतोष है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि समान योग्यता और जिम्मेदारी के आधार पर वेतन में समानता होनी चाहिए। उनका कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो पाया है।
एरियर भुगतान और वेतन समानता पर जोर
डॉक्टरों ने सरकार से मांग की कि वेतन संबंधी विसंगतियों को दूर कर सभी पात्र डॉक्टरों को समान वेतन दिया जाए। इसके साथ ही बकाया एरियर का भुगतान भी सुनिश्चित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। पुलिस की ओर से हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजे जाने के बाद अब डॉक्टरों की मांगों पर सरकार के रुख का इंतजार है।
