रिपोर्ट – अभिषेक मिश्रा
कानपुर। किदवई नगर स्थित सार्वजनिक श्री संकट मोचन विजय हनुमान एवं श्री दुर्गा मंदिर समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आयोजित 15वें भव्य शारदीय नवरात्र एवं दशहरा महोत्सव–2026 के तृतीय दिवस पर माँ चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना, संगीतमय संकीर्तन एवं डांडिया-गरबा प्रशिक्षण श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

भजन गायिकाओं ने बाँधा भक्तिमय समाँ
माता रानी के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति नीलम सिंह चौहान, मधु मिश्रा, शालिनी अवस्थी, सुमन शुक्ला, नीलम दुबे, सुदामा दुबे, सुषमा भारद्वाज एवं विजय लक्ष्मी द्विवेदी ने दी। भक्तिमय भजनों से मंदिर परिसर माता रानी के जयकारों से गूंज उठा।
महिला मंडल के नेतृत्व में सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम की मुख्य आयोजन व्यवस्थापक श्रीमती नीलम वीरेंद्र चौहान, व्यवस्थापक मंदिर कमेटी, अध्यक्षा एवं कार्यक्रम संयोजक महिला मंडल रहीं। महिला मंडल की महामंत्री एवं डांडिया-गरबा प्रशिक्षिका श्रीमती रेनू मधु शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती मधु मिश्रा एवं श्रीमती डॉली द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सायं 4 से 6 बजे तक संगीतमय संकीर्तन, 6 से 7 बजे तक बच्चों तथा 7 से 9 बजे तक महिलाओं को डांडिया-गरबा का प्रशिक्षण दिया गया।

महिलाओं की रही प्रमुख सहभागिता
कार्यक्रम में रेनू शुक्ला, डॉली द्विवेदी, सुनीता शर्मा, पूनम शुक्ला, भारती मिश्रा, निशा शर्मा, ममता मिश्रा, सुहानी पाल, सुशीला श्रीवास्तव, सुषमा सिंह, रंजना अवस्थी, प्रियंका ठाकुर, निर्मला सिंह, रत्ना गुप्ता, आशा गुप्ता एवं अर्पणा त्रिपाठी ने प्रमुख रूप से सहभागिता की।
संरक्षकों एवं सहयोगियों का योगदान
महोत्सव के मुख्य अतिथि एवं संरक्षक माननीय महेश त्रिवेदी, पूर्व मंत्री एवं विधायक, किदवई नगर विधानसभा हैं। महिला मंडल की मुख्य संरक्षक आदरणीय आशा त्रिवेदी, श्रीमती किरण पांडे एवं डॉ. सुषमा सिंह सेंगर हैं।
धार्मिक आयोजन में आचार्य पंडित मुकेश द्विवेदी का आचार्य के रूप में तथा अमित मिश्रा एवं मयंक जी का आयोजन सहयोगियों के रूप में उल्लेखनीय योगदान रहा।
धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा का संकल्प
आयोजन से जुड़े नीलम आर्किटेक्ट एंड इंटीरियर डिजाइनर एवं सनातन वैवाहिक बंधन के माध्यम से समाजसेवा का संदेश दिया गया। समाजसेवी वीरेंद्र चौहान, धर्म जागरण समन्वय परियोजना प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, कानपुर दक्षिण द्वारा गरीब कन्याओं के निःशुल्क विवाह एवं जरूरतमंद परिवारों के सहयोग का संकल्प दोहराया गया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, संस्कार, नारी शक्ति और सनातन संस्कृति को सुदृढ़ करने का माध्यम हैं।
