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ओमान में ड्रोन हमले के बाद लापता हुए कुशीनगर के अमित सिंह, परिवार से मिले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट

रिपोर्ट: शिवाकांत पाण्डेय 

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के हाटा निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ मुकुल के ओमान में लापता होने की सूचना से परिवार में चिंता का माहौल है।

ओमान के सोहर पोर्ट पर तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद से अमित का अपने परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। बेटे की सलामती को लेकर परेशान परिवार ने केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई है। इस बीच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी ने परिवार से मुलाकात कर मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

परिजनों के मुताबिक, अमित कुमार सिंह करीब आठ महीने पहले रोजगार के सिलसिले में ओमान गए थे। वह इंजीनियरिंग शिपिंग एंड ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में क्रू मेंबर के रूप में काम कर रहे थे। परिवार को उनसे बेहतर भविष्य की उम्मीद थी, लेकिन सोहर पोर्ट पर तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की खबर आने के बाद से घरवालों की चिंता बढ़ गई है।

11 तारीख को हुई थी आखिरी बातचीत

परिवार के अनुसार, अमित की आखिरी बार 11 तारीख को घरवालों से बातचीत हुई थी। उस दौरान उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और फिर ड्यूटी पर चले गए। इसके बाद सोहर पोर्ट पर तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की सूचना मिली। हमले के बाद से अमित से संपर्क नहीं हो पा रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर परिवार को स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।

अमित के लापता होने की खबर से परिवार के लोग परेशान हैं। परिजनों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी जल्द ही उनकी स्थिति का पता लगाएंगे और सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। परिवार लगातार अपने स्तर पर जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है।

विदेश मंत्रालय को पत्र भेजने की पहल

मामले की जानकारी मिलने के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी अमित के परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी चिंताओं को सुना और मामले को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के मुताबिक, जिलाधिकारी कुशीनगर के माध्यम से विदेश मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा, ताकि संबंधित स्तर पर मामले को उठाकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस दौरान तहसीलदार जया सिंह भी मौजूद रहीं।

परिवार की मांग है कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के माध्यम से अमित के बारे में जल्द जानकारी जुटाई जाए। परिजन चाहते हैं कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।

फिलहाल परिवार को अमित की कुशलता की खबर का इंतजार है। घरवालों की उम्मीद प्रशासनिक पहल और केंद्र सरकार की मदद पर टिकी है। सभी की दुआ है कि अमित सुरक्षित हों और जल्द अपने परिवार से संपर्क कर सकें ।

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