लखनऊ, 26 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनसुविधाओं का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और तकनीकी नवाचार के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना नए उत्तर प्रदेश के विकास का प्रमुख संकल्प है। इसी दिशा में सोमवार को मुख्यमंत्री कानपुर नगर के बिठूर में 411 करोड़ रुपये से अधिक की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 का शुभारंभ भी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर उनकी तपोभूमि बिठूर में जनकल्याण से जुड़ी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इन परियोजनाओं से बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।
जीसीसी समिट से तकनीकी क्षेत्र में खुलेंगे अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के विकास के साथ-साथ युवाओं को निवेश, तकनीक और नवाचार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आयोजित होने वाले जीसीसी इनोवेशन समिट 2026 के माध्यम से वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि समिट के दौरान होने वाले समझौता ज्ञापनों (एमओयू) से तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और उच्च कौशल आधारित रोजगार की संभावनाओं को विस्तार मिल सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपने प्रदेश में रहकर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने के अवसर मिलें।
विरासत और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में महर्षि वाल्मीकि की जयंती और जीसीसी इनोवेशन समिट को प्रदेश की विकास यात्रा के दो महत्वपूर्ण पहलुओं से जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत से प्रेरणा लेकर आधुनिक तकनीक और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर है। इसमें ज्ञान, मर्यादा और लोककल्याण के आदर्श समाहित हैं। आज आवश्यकता है कि ज्ञान की इस परंपरा को विज्ञान और तकनीक के आधुनिक अवसरों से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में विरासत के सम्मान के साथ विज्ञान और विकास को पर्याप्त महत्व नहीं मिला। उनके मुताबिक, उस समय प्रदेश की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप निवेश तथा रोजगार के अवसरों का विस्तार चुनौती बना हुआ था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश नई संभावनाएं विकसित कर रहा है। उन्होंने भारत के वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के क्षेत्र में बढ़ते महत्व और प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विस्तार का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना में सांस्कृतिक विरासत, शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रगति की अहम भूमिका है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है।
