रिपोर्ट : प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संचालित इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला की ओर से खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी में रुचि रखने वालों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स आयोजित किया जा रहा है।
‘सर्टिफिकेट कोर्स इन एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स-लेवल 1’ नाम से आयोजित इस 15 दिवसीय पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को अंतरिक्ष, तारों, ग्रहों और आधुनिक खगोलीय प्रेक्षण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें दूरबीन के व्यावहारिक इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी मिलेगा।
यह पाठ्यक्रम 15 नवंबर से 25 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण सत्र प्रत्येक शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में होंगे। इसका संचालन मुख्य रूप से ऑफलाइन माध्यम से इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ में किया जाएगा।
छह प्रमुख विषयों की मिलेगी जानकारी
पाठ्यक्रम में प्रतिभागियों को खगोल विज्ञान से जुड़े छह प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें सौरमंडल, ग्रहों, उपग्रहों, धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों की जानकारी शामिल है। इसके अलावा तारों और तारामंडलों की पहचान, तारों का जीवन चक्र और हर्ट्ज़स्प्रंग-रसेल (HR) आरेख के बारे में भी बताया जाएगा।
प्रतिभागियों को खगोलीय निर्देशांक प्रणाली, राइट एसेन्शन (RA), डिक्लिनेशन और आकाश मानचित्रण की जानकारी दी जाएगी। वहीं, दूरबीन को जोड़ने, उसका संरेखण करने, संचालन और रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। सूर्य, सौर कलंक, सौर ज्वालाओं, सौर पवन और ग्रहण जैसे विषयों के साथ रात्रिकालीन आकाश का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कराया जाएगा।
देश-विदेश के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
इस पाठ्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय, एनसीईआरटी, कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KNIT) सुल्तानपुर, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर, तार्तु वेधशाला एस्टोनिया, उत्तर प्रदेश अमेचर एस्ट्रोनॉमर्स क्लब और इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला के विशेषज्ञ शैक्षणिक सहयोग देंगे।
1000 रुपये में करा सकेंगे पंजीकरण
पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए पंजीकरण शुल्क 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसमें न्यूनतम 15 और अधिकतम 50 प्रतिभागियों को प्रवेश दिया जाएगा। विज्ञान विषयों से स्नातक और परास्नातक करने वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि, खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति इस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन कर सकता है।
पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण लिंक: https://forms.gle/KXfZs58Vt6VfiZSC8
इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला की इस पहल का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को किताबों में पढ़ी जाने वाली खगोलीय अवधारणाओं को वास्तविक आकाश के अवलोकन और व्यावहारिक गतिविधियों के जरिए समझने का अवसर मिलेगा।
