लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ राजधानी में पिछड़े समाज के लोगों का विरोध सामने आया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में ‘बॉयकॉट अखिलेश यादव’ और ‘बॉयकॉट समाजवादी पार्टी’ लिखे बैनर लगाए गए हैं। इन बैनरों के जरिए मौर्य, शाक्य, सैनी और कुशवाहा समाज के लोगों ने सपा नेतृत्व के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है।
विरोध की वजह स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर अखिलेश यादव की कथित बयानबाजी और सपा कार्यकर्ताओं की अभद्र टिप्पणियां बताई जा रही हैं। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि पिछड़े समाज के नेताओं के सम्मान के मामले में समाजवादी पार्टी का रवैया ठीक नहीं है।

पीडीए की राजनीति पर उठाए सवाल
प्रदर्शन से जुड़े बैनरों में सपा की पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) राजनीति पर भी सवाल उठाए गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि पार्टी एक तरफ पिछड़ों के सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के मामले में उसका रुख अलग दिखाई दे रहा है।
बैनरों के जरिए सवाल किया गया है कि पीडीए का नारा केवल चुनावी राजनीति तक सीमित है या पार्टी पिछड़े समाज के नेताओं को भी बराबरी का सम्मान देती है। एक पोस्टर पर लिखा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का अपमान मौर्य समाज बर्दाश्त नहीं करेगा।

राजनीतिक भागीदारी और सम्मान का मुद्दा
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि यह नाराजगी केवल स्वामी प्रसाद मौर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पिछड़े समाज के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी से जुड़ी है। उनका आरोप है कि समाज के नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां होने के बावजूद सपा नेतृत्व ने प्रभावी रुख नहीं अपनाया।
इसी नाराजगी के चलते मौर्य, शाक्य, सैनी और कुशवाहा समाज के लोगों ने बैनर लगाकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। फिलहाल राजधानी में लगाए गए इन पोस्टरों के जरिए सपा नेतृत्व की राजनीति और पीडीए के नारे को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
