रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। यूपी की 68,500 शिक्षक भर्ती 2018 में आरक्षण विसंगति का मामला एक बार फिर गरमा गया है। नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले 64 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार देर शाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी के आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति प्रक्रिया का लिखित शेड्यूल चाहिए।
अभ्यर्थियों का आंदोलन पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल में भी तब्दील हो चुका है। चित्रकूट के दीपक पटेल और बरेली के नसीम फरीदी 26 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। मंगलवार रात प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थियों ने करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ‘चाचा जी हम भतीजे आहत हैं, आप ही तो राहत हैं’ के नारे लगाकर अपनी मांग उठाई।
मिठाई का प्रस्ताव ठुकराया
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष की ओर से अभ्यर्थियों को मिठाई खिलाने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। अभ्यर्थियों ने कहा कि पहले नियुक्ति का शेड्यूल जारी कराया जाए। इसके बाद वे चाचा जी के आवास पर आकर मिठाई खाएंगे और खुशियां मनाएंगे।
बैठक में आरक्षण विसंगति स्वीकार करने का दावा
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा और तूफान सिंह ने कहा कि 10 सितंबर को हुई विभागीय बैठक में आरक्षण विसंगति स्वीकार की जा चुकी है। ऐसे में आधिकारिक स्वीकृति के अनुरूप जल्द नियुक्ति का शेड्यूल जारी किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे अभ्यर्थियों के आंदोलन का समाधान निकलेगा और आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की छवि भी प्रभावित नहीं होगी।
दीपावली तक मांग पूरी नहीं हुई तो आवास पर मनाएंगे त्योहार
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि जब तक नियुक्ति का शेड्यूल जारी नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दीपावली से पहले मांग पूरी नहीं हुई तो अभ्यर्थी पंकज चौधरी के आवास पर ही दीपावली मनाएंगे।
देर रात पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को बसों के जरिए वापस ईको गार्डन भेज दिया। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि लिखित नियुक्ति शेड्यूल मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
