Homeउत्तर प्रदेशरामायण के सातों कांडों की झांकियों में दिखी श्रीराम की जीवनगाथा

रामायण के सातों कांडों की झांकियों में दिखी श्रीराम की जीवनगाथा

रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला

रामनगरी अयोध्या एक बार फिर राममय हो उठी। सड़कों पर रामायण के प्रसंगों को दर्शाती भव्य झांकियां, लोकगीतों की गूंज और पारंपरिक लोकनृत्यों की थाप ने दीपोत्सव के उत्साह को दोगुना कर दिया। आस्था और संस्कृति के इस संगम के बीच शनिवार को अयोध्या में दीपोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने साकेत महाविद्यालय से रामकथा पार्क तक निकलने वाली शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दीपोत्सव का दसवां आयोजन है।

शोभायात्रा में रामायण के सातों कांडों पर आधारित आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं। बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, किष्किंधाकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड और उत्तरकांड के प्रमुख प्रसंगों को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इन झांकियों के जरिए भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर वनवास, रावण वध और अयोध्या वापसी तक की पूरी कथा को जीवंत किया गया।

झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को साकार किया। इससे लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला।

मयूर नृत्य, बम रसिया और फरवाही ने बांधा समां

दीपोत्सव की शोभायात्रा में रामकथा के साथ देश की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक भी देखने को मिली। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। मथुरा के मयूर नृत्य और बम रसिया, प्रयागराज के ढेड़िया नृत्य, बांदा के पाई डंडा तथा सोनभद्र के मांदल और सिंघा की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

इसके अलावा अयोध्या के बधावा, गाजीपुर के धोबिया, गोरखपुर के वनटांगिया, अयोध्या और गोरखपुर की फरवाही तथा सुलतानपुर के नटवरी नृत्य ने शोभायात्रा की रौनक बढ़ाई। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकनृत्यों ने भी सांस्कृतिक विविधता की खूबसूरत झलक पेश की। लोकगीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

पिछले नौ साल के रिकॉर्ड तोड़ेगा दीपोत्सव-2026 : जयवीर सिंह

शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि राम की अयोध्या इस समय हर्षोल्लास और उत्साह से सराबोर है। पूरी रामनगरी दीपोत्सव के स्वागत के लिए उमंग से भरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 का दीपोत्सव पिछले नौ वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रचेगा।

मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से शुरू हुआ दीपोत्सव लगातार भव्य स्वरूप ले रहा है। अब यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था, संस्कृति और जनभागीदारी का बड़ा उत्सव बन चुका है।

उन्होंने कहा कि दीपोत्सव ने अयोध्या को देश-दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। हर साल आयोजन का बढ़ता दायरा रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी मजबूत कर रहा है।

शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ दीपोत्सव-2026 विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए आगे बढ़ेगा।

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