क्रिकेट में पाकिस्तान और कनाडा के ज्यादा मैच नहीं हुए हैं. उनकी पहली भिड़ंत साल 2008 में एक टी20 मैच में हुई, जिसमें पाक टीम 35 रन से विजयी रही थी. करीब 13 साल पहले 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश ने मिलकर की थी. उस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और कनाडा को ग्रुप ए में रखा गया था. जब वर्ल्ड कप में उनकी भिड़ंत हुई तो कनाडा में एक भारतीय मूल का खिलाड़ी खेल रहा था. उस समय आरोप लगाए गए थे कि पाकिस्तानी प्लेयर्स ने हदें पार करते हुए कनाडाई खिलाड़ी पर नस्लीय टिप्पणी की है. मामले की गंभीरता इतनी थी कि दोनों पक्ष गाली-गलौज पर उतर आए थे.
11 मार्च 2011 को कोलंबो में पाकिस्तान बनाम कनाडा मैच खेला गया. उस भिड़ंत में पाकिस्तान पहले खेलते हुए 184 रन पर ऑलआउट हो गई थी. वहीं लक्ष्य का पीछा करते हुए कनाडाई टीम लड़खड़ा गई थी. 10वें क्रम पर बालाजी राव नाम के बल्लेबाज क्रीज़ पर उतरे. बालाजी बैटिंग कर रहे थे, लेकिन उमर गुल और अहमद शहज़ाद उन्हें स्लेज कर रहे थे. यह स्लेजिंग लड़ाई का मुद्दा तब बन गई जब पाक टीम के खिलाड़ियों ने सीमाएं लांघ दी थीं, जिसके कारण बालाजी ने गाली देनी शुरू कर दी थी.
कनाडाई प्लेयर के साथ दुर्व्यवहार
बता दें कि बालाजी राव मूल रूप से भारतीय हैं. उमर गुल और अहमद शहज़ाद की बातों के कारण बालाजी को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने उम्र गुल के ओवर में बहुत जोर से बल्ला घुमाना शुरू कर दिया था, लेकिन उनसे ज्यादातर गेंद मिस हो रही थीं. गुल और बालाजी तनतनाते हुए एक-दूसरे से जा भिड़े और उनके बीच शब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ. यहां तक कि अहमद शहज़ाद ने नस्लीय टिप्पणी भी की थी. इसके जवाब में बालाजी ने पंजाबी भाषा में शहज़ाद को गाली देनी शुरू कर दी थी. शहज़ाद भी अपने लड़ाकू अंदाज के लिए जाने जाते हैं, इसलिए वो भी बालाजी से जा भिड़े थे. मामला इतना गंभीर होता जा रहा था कि बीच-बचाव करने अंपायरों को बीच में आना पड़ा. अंपायर ने शहज़ाद को चेतावनी भी दी और तभी यूनिस खान उनके बचाव में आगे आ गए.
