अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के बयान को नासमझी बताया है.
ख़्वाजा आसिफ़ ने अफ़ग़ानिस्तान के अंदर घुसकर कार्रवाई करने की बात कही थी.
कुछ रोज़ पहले एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन को दिए गए इंटरव्यू में ख़्वाजा आसिफ़ का कहना था कि ऑपरेशन ‘अज़मे इस्तेहकाम’ के तहत अगर ज़रूरत महसूस हुई तो अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है.
सोशल मीडिया साइट एक्स पर जारी एक बयान में अफ़ग़ान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तानी मंत्री का अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता के संभावित उल्लंघन से संबंधित बयान नासमझी भरा है जो असद्भाव पैदा कर सकता है और ये किसी के हक़ में नहीं है.
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान के नेतृत्व को चाहिए कि किसी को भी संवेदनशील मामलों पर इस तरह के बयान देने की अनुमति न दे.
दूसरी ओर दोहा में अफ़ग़ान तालिबान के राजनीतिक दफ़्तर के प्रमुख सुहैल शाहीन ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय के हालिया बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि वो किसी को अफ़ग़ानिस्तान को नुक़सान पहुंचाने की इजाज़त नहीं देंगे.
टोलो न्यूज़ से बात करते हुए सुहैल शाहीन का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीन किसी दूसरे मुल्क के ख़िलाफ़ इस्तेमाल नहीं हो रही है और दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप अफ़ग़ान नीति का हिस्सा नहीं है.
“हम न तो किसी को नुक़सान पहुंचाते हैं और न ही किसी को नुक़सान पहुंचाने की इजाज़त देते हैं, और न ही हम किसी के अंदरूनी मामले में हस्तक्षेप करते हैं.”
सुहैल शाहीन का कहना था कि इस तरह की कार्रवाई करने का इरादा रखने वालों को अतीत के हमलों का अच्छी तरह से अध्ययन करना चाहिए और ऐसे अभियान के नतीजों पर ग़ौर करना चाहिए.
