झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरन ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है.समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, उन्हें 45 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ.समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, फ्लोट टेस्ट के दौरान दौरान विपक्ष सदन से वाकऑउट कर गया.
कथित ज़मीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन बीते 31 जनवरी, 2024 को गिरफ़्तार हुए थे और फिर 28 जून को ज़मानत पर रिहा रिहा हो गए.
सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद 5 जुलाई 2024 को हेमंत सोरेन ने तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.
हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन को ज़मानत देते हुए कहा था, “प्रथम दृष्टया सबूतों को देखते हुए ये मानने के कारण हैं कि हेमंत सोरेन कथित अपराधों के लिए दोषी नहीं हैं.”
हेमंत सोरेन ने जेल से निकल कर कहा था कि ‘एक मनगढंत कहानी बना कर जेल में पांच महीने तक रखा गया. देश के अलग-अलग हिस्सों में जो लोग भी इस सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं, उन्हें जेल में बंद किया जा रहा है.’
