शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ज़मानत दिए जाने को जहां आम आदमी पार्टी ने ‘सत्य की जीत’ बताया है वहीं बीजेपी ने कहा है कि ‘ज़मानत का मतलब अपराधमुक्त होना नहीं होता.’
दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाले में ईडी की ओर से केजरीवाल की गिरफ़्तारी पर यह फ़ैसला आया है, लेकिन सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में वो अभी भी जेल में ही रहेंगे. इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में 17 जुलाई को होनी है.
फ़ैसले के बाद आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली की मंत्री अतिशी ने कहा, “जब बीजेपी को पता था कि अरविंद केजरीवाल को राउज़ एवेन्यू कोर्ट से ज़मानत मिल गई है, सुप्रीम कोर्ट से भी ज़मानत मिल जाएगी, इसीलिए उन्होंने एक और षडयंत्र रचा और जिस दिन सुप्रीम कोर्ट की ज़मानत पर फै़सला आना था, उसी दिन अपने एक और राजनीतिक हथियार सीबीआई से अरविंद केजरीवाल को गिरफ़्तार करा दिया.”
“सिर्फ इसलिए कि अगर ईडी केस में ज़मानत मिल गई तो अरविंद केजरीवाल बाहर आकर दस गुना ताक़त से दिल्ली के लोगों का काम करने लग जाएंगे.”
आतिशी ने बीजेपी की तरफ इसारा करते हुए कहा, “इस देश के एक के बाद एक हर न्यायलय ने आपके षडयंत्र को बेनकाब किया है और कहा है कि अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ सबूत नहीं है. और एक के बाद एक उन्हें ज़मानत मिल रही है.”
उन्होंने बीजेपी के लिए कहा कि “अपना अहंकार ख़त्म करिए और बाकी पार्टियों और लोकतंत्र के ख़िलाफ़ साज़िश रचना बंद करिए. सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं हो सकता है.”
वहीं आप नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, “पीएमएलए कोर्ट ने निर्दोष पाया और आज सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी. यह बड़ी बात है कि पीएमएलए जैसे संगीन कानून में अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं मिला.”
बीजेपी ने क्या कहा?
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने कहा, “जांच एजेंसी और न्यायपालिका के बीच का ये मामला है. और अंतरिम ज़मानत मिलने का यह मतलब नहीं होता कि आप अपराधमुक्त हो गए हैं.
उन्होंने कहा, “दिल्ली की जनता जानती है कि जिस तरह अरविंद केजरीवाल ने शराब नीति में घोटाला किया है, उसी तरह एक स्कैम बिजली का जिसमें जनता को लूटने की साज़िश की जा रही है.”
