जम्मू-कश्मीर के डोडा में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ के दौरान मारे गए भारतीय सेना के कैप्टन बृजेश थापा के माता-पिता से समाचार एजेंसी एएनआई ने बात की है.
बृजेश की मां नीलिमा थापा ने कहा है, “मैंने अपने बेटे को खो दिया है. अब वो कभी वापस नहीं आएगा. मेरा लड़का काफ़ी सभ्य था. वो कभी शिकायत नहीं करता था.”
बृजेश की मां ने कहा, “उसे आर्मी में ही जाना था. हमने उसे बता भी रखा था कि आर्मी का जीवन कठिन होता है. उसने अपने पापा को भी देखा था. हमने उससे कहा था कि या तो एयरफोर्स में जाओ या नेवी में लेकिन उसने आर्मी में ही जाने का सोचा.”
“उसने देश के लिए जो कुछ भी किया उस पर हमें गर्व महसूस होता है. सरकार को इसके पीछे ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए.”
बृजेश थापा के पिता जो कि खुद भारतीय सेना के रिटायर्ड कर्नल हैं, उन्होंने कहा, “मेरा बेटा बचपन से ही आर्मी में जाना चाहता था. उसने बीटेक किया था लेकिन फिर भी वो आर्मी में ही जाना चाहता था.”
“उसने बहुत ज़्यादा तैयारी भी नहीं की थी लेकिन फिर भो वो पहली ही बार में एसएसबी सहित सारी परीक्षाओं में पास हो गया. मुझे गर्व है कि उसने देश के लिए अपनी जान दी.”
