पेरिस ओलंपिक के जैवलिन थ्रो इवेंट में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक अपने नाम कर लिया है. रजत पदक जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा है कि देश के लिए पदक जीतना हमेशा ही खुशी की बात होती है.
उन्होंने कहा, ”मेडल की बात अलग है, अब ज़रूरत है गेम में सुधार करने की. जो इंजरी चल रही हैं उन पर काम करना है. टीम के साथ बात करके जो कमियां हैं उनको सुधारेंगे.”
नीरज ने कहा, “टोक्यो ओलंपिक के साथ हमें इस ओलंपिक की तुलना नहीं करनी चाहिए. जो भी एथलीट खेल रहे हैं, अच्छे से खेल रहे हैं. ओवर ऑल हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है. ज़रूरी नहीं कि हर बार हमारे मेडल बढ़ते ही जाएं. कई बार हम चूक भी जाते हैं. आने वाले समय में और भी मेडल बढ़ेंगे हमारे.”
उन्होंंने कहा, “किसी दिन किसी खिलाड़ी का दिन होता है. आज अरशद का दिन था. खिलाड़ी का शरीर उस दिन अलग ही होता है. हर चीज़ परफेक्ट होती है जैसे आज अरशद की थी. टोक्यो, बुडापेस्ट और एशियन गेम्स में अपना दिन था.”
नीरज चोपड़ा ने कहा- मेरा भी काफी अच्छा रहा है लेकिन कुछ चीज़ें हैं, थोड़ी इंजरी है. इसको ठीक करना है. जो फोकस खेलते समय इंजरी की तरफ रहता है वो उस पर ना होकर प्रदर्शन पर हो.
उन्होंने कहा, “मेरे अंदर एक अच्छा थ्रो है पर वो निकलेगा तभी जब सब तरह फिट हो जाऊंगा और मानसिक रूप से भी पूरी तरह से तैयार हो जाऊंगा.”
नीरज ने कहा- मुझे यह बात माननी पड़ेगी आज मेरा दिन नहीं था. मन में था कि राष्ट्रगान बजे. सबकी उम्मीदें थी. उम्मीदों पर खरे भी उतरे हैं. आज अपना दिन नहीं था. आज राष्ट्रगान नहीं बजवा पाए. उन्होंने कहा, “आगे फिर मौका मिलेगा. हमारा राष्ट्रगान बजेगा पेरिस में नहीं तो कहीं और सही.”
