भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी फिल्म लगान के सह-कलाकार यशपाल शर्मा ने दी। उनके जाने से फिल्म जगत में शोक की लहर है और सोशल मीडिया पर प्रशंसक व फिल्मी हस्तियां उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रही हैं।
21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे प्रदीप रावत ने अपने लंबे फिल्मी करियर में करीब 150 फिल्मों में अभिनय किया। हिंदी सिनेमा के अलावा उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, भोजपुरी, नेपाली, मराठी, उड़िया और अंग्रेजी फिल्मों में भी अपनी दमदार पहचान बनाई।
प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1985 में हिंदी फिल्म ‘ऐतबार’ से की थी। इसके बाद वह मेरी जंग, अग्निपथ, बागी, पत्थर के फूल, कोयला, द हीरो और लगान जैसी फिल्मों में नजर आए। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ उनकी आखिरी हिंदी फिल्म रही, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का अहम किरदार निभाया था।
टीवी दर्शकों के बीच भी प्रदीप रावत लोकप्रिय रहे। उन्होंने चर्चित धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा का किरदार निभाया था। इसके अलावा चंद्रकांता, तहकीकात, युग, मिशन फतेह और गुल सनोबर जैसे धारावाहिकों में भी अभिनय किया।
इन किरदारों ने दिलाई सबसे बड़ी पहचान
- सरफरोश (1999): आमिर खान स्टारर फिल्म में ‘सुल्तान दीप’ के रूप में दमदार खलनायक।
- गजनी (तमिल): सूर्या की सुपरहिट फिल्म में ‘गजनी धर्मात्मा’ बनकर छा गए।
- गजनी (हिंदी): आमिर खान के सामने निर्दयी विलेन के रूप में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
- छत्रपति (तेलुगु): प्रभास स्टारर फिल्म में ‘रसूल भाई’ का किरदार उनके करियर के सबसे यादगार रोल्स में शामिल रहा।
- बच्चन (कन्नड़): सुदीप अभिनीत फिल्म में मंत्री मधुसूदन के नेगेटिव रोल से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
कई पुरस्कारों से हुए सम्मानित
तेलुगु फिल्म ‘साई’ में शानदार खलनायकी के लिए प्रदीप रावत को फिल्मफेयर, नंदी और संतोषम पुरस्कार मिले। वहीं ‘मंगला’ और ‘नायक’ में नेगेटिव रोल के लिए उन्हें SIIMA अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया।
प्रदीप रावत का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अपने दमदार अभिनय और प्रभावशाली खलनायक की छवि के कारण वह हमेशा दर्शकों की यादों में जीवित रहेंगे।
