श्रीनगर। बाबा अमरनाथ की वार्षिक पवित्र यात्रा शुक्रवार से विधिवत शुरू हो गई। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के जयघोष के साथ पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। पहले दिन दोपहर बाद श्रद्धालुओं के पवित्र हिमलिंग के दर्शन के साथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया।
यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं, जबकि बुजुर्ग और अन्य श्रद्धालु घोड़े तथा पालकी के माध्यम से दुर्गम रास्तों को पार करते हुए बाबा के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे।
देशभर से श्रद्धालुओं का जम्मू, बालटाल और पहलगाम पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बालटाल और पहलगाम से पवित्र गुफा तक दोनों मार्गों पर कुल 126 लंगर लगाए गए हैं। इन लंगरों में सैकड़ों सेवादार चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं को भोजन, चाय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु इन लंगरों पर विश्राम भी कर रहे हैं।
उधर, जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से शुक्रवार सुबह यात्रा का दूसरा जत्था भी कश्मीर के लिए रवाना हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 201 वाहनों के काफिले में कुल 3,865 श्रद्धालु भेजे गए। इनमें 1,735 श्रद्धालु बालटाल मार्ग और 2,130 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा पर निकले।
पूरी यात्रा के दौरान पुलिस, सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोनों यात्रा मार्गों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखे हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
गौरतलब है कि 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु दो मार्गों—अनंतनाग जिले के 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग—का उपयोग करते हैं। देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं।
