रिपोर्ट : अमित शुक्ला
बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद कृष्णा और आर्यन के शव देईपुर गांव पहुंचे तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। कृष्णा के स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हो गए। वहीं आर्यन का शव पहुंचते ही उसके पिता राजीव राठौर का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और घटनास्थल पर बने गड्ढे की वास्तविक गहराई की जांच कराने की मांग की।
राजीव राठौर ने आरोप लगाया कि जिस गड्ढे में उनके पुत्र आर्यन की जान गई, उसकी बीच में गहराई 10 फीट से अधिक है। उनका कहना है कि पुलिस की ओर से गड्ढे की गहराई दो से तीन फीट बताई जा रही है। उन्होंने खेत में गहरा गड्ढा खोदकर डंपरों में भरी बालू की धुलाई किए जाने और मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने नामजद आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अधिकारियों को लिखित तहरीर दी। साथ ही थाना प्रभारी पर आरोपित को बचाने का आरोप लगाया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
गड्ढे की गहराई जांचने मौके पर पहुंचे ग्रामीण
आर्यन के स्वजन के आक्रोश के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण छिबरामऊ-ऐरवाकटरा मार्ग पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बबूल की डालियां डालकर मार्ग को आंशिक रूप से जाम करने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मांग थी कि अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल पर गड्ढे की वास्तविक गहराई की जांच कराई जाए।
इसके बाद करीब दो सैकड़ा ग्रामीण घटनास्थल पर गड्ढे के पास पहुंचे। इस दौरान एक युवक बांस लेकर गड्ढे में उतरा। युवक ने किनारे पर ही करीब आठ फीट गहराई होने का दावा किया और आगे जाने में असमर्थता जताई। इसके बाद ग्रामीणों ने मौके पर गड्ढे की वास्तविक गहराई की जांच कराने की मांग दोहराई।
पंपसेट और पाइप हटाने का भी आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद रात में घटनास्थल पर लगाए गए चार पंपसेट और पाइप हटा दिए गए। बुधवार को घटनास्थल पर कोई पंपसेट या पाइप नहीं मिला। ग्रामीणों ने पंपसेट और पाइप हटाए जाने की भी जांच कराने की मांग की।
अधिकारियों ने जांच का दिया आश्वासन
सूचना मिलने पर एसडीएम कमल कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित स्वजन और ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। भाजपा नेता अभय सेंगर, जिला पंचायत सदस्य श्रीप्रकाश यादव, बादाम सिंह यादव, गौरव स्वर्णकार और रानू पालीवाल समेत अन्य लोगों ने भी स्वजन को समझाने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्वजन और ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। बाद में आर्यन के स्वजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर रवाना हो गए।
मौके पर नायब तहसीलदार राकेश कुमार, कोतवाल बिधूना विनेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी कुदरकोट नारायण त्रिपाठी, महिला थाना प्रभारी पूजा राठौर, थानाध्यक्ष अछल्दा सुरेश सिंह समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
