मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसान आंदोलन के दौरान एसीपी मोनिका शुक्ला का साहस चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वह ड्राइवर रहित स्कूल बस के आगे दोनों हाथ फैलाकर खड़ी नजर आ रही हैं। उनकी सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टल गया।
क्या था मामला?
भोपाल में किसान अपनी मांगों को लेकर होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पास प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सड़क पर डंपर और एक स्कूल बस खड़ी कर दी थी। शाम के समय प्रदर्शन तेज हो गया और किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे।
इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारी स्कूल बस की छत पर चढ़ गए, जबकि कई लोग नीचे से बस को धक्का देने लगे। बस में कोई ड्राइवर मौजूद नहीं था और वह धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी।
बस के आगे डट गईं ACP मोनिका शुक्ला
बस को आगे बढ़ता देख एसीपी मोनिका शुक्ला तुरंत मौके पर पहुंचीं और दोनों हाथ फैलाकर बस के सामने खड़ी हो गईं। प्रदर्शनकारी बस को धक्का देते रहे, लेकिन उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया।
जब बस आगे बढ़ने लगी तो उन्होंने अपने हाथों से उसे रोकने की कोशिश की। कुछ ही देर में अन्य पुलिसकर्मी और कुछ किसानों ने भी सहयोग किया, जिसके बाद बस रुक गई और संभावित हादसा टल गया।
पहले भी दिखा चुकी हैं बहादुरी
एसीपी मोनिका शुक्ला इससे पहले भी अपने साहसिक कार्यों के लिए सुर्खियों में रह चुकी हैं। करीब एक दशक पहले भोपाल के काजी कैंप इलाके में सड़क हादसे के बाद भड़की हिंसा के दौरान उन्होंने अकेले भीड़ का सामना किया था और स्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई थी।
कौन हैं मोनिका शुक्ला?
मोनिका शुक्ला ने 1994 में मध्य प्रदेश पुलिस सेवा में अधिकारी के रूप में अपना करियर शुरू किया था। वर्ष 2009 में उन्हें आईपीएस अवार्ड मिला। वह कई जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में भी सेवाएं दे चुकी हैं। उनके पति शशिकांत शुक्ला भी आईपीएस अधिकारी हैं और विभिन्न जिलों में एसपी के पद पर कार्य कर चुके हैं।
