31 मई 2026 की पूर्णिमा खगोलीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन आसमान में दिखाई देने वाला चंद्रमा एक साथ ‘ब्लू मून’ और ‘माइक्रोमून’ दोनों कहलाएगा। इसे लेकर लोगों में उत्सुकता है कि क्या इस दिन चांद सचमुच नीला दिखाई देगा और उसका आकार छोटा नजर आएगा। हालांकि वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा नहीं है।
क्यों कहा जाता है ब्लू मून?
जब किसी एक कैलेंडर महीने में दो पूर्णिमा (Full Moon) पड़ती हैं, तो दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है। मई 2026 में पहली पूर्णिमा 1 मई को और दूसरी 31 मई को पड़ रही है। यही वजह है कि 31 मई की पूर्णिमा को ब्लू मून का नाम दिया गया है।
हालांकि ‘ब्लू मून’ नाम का चंद्रमा के रंग से कोई संबंध नहीं है। इस दिन चांद सामान्य पूर्णिमा की तरह ही चमकीला और सफेद दिखाई देगा। उसका रंग नीला नहीं होगा।
अगला ब्लू मून कब?
इससे पहले अगस्त 2023 में एक ही महीने में दो पूर्णिमा देखने को मिली थीं। अब इसके बाद अगला ब्लू मून दिसंबर 2028 में दिखाई देगा। यानी 31 मई 2026 का यह खगोलीय नजारा अगले करीब ढाई साल तक दोबारा देखने को नहीं मिलेगा।
खगोलविदों के अनुसार चंद्रमा का एक चक्र लगभग 29.5 दिन का होता है, जबकि कैलेंडर के अधिकांश महीने 30 या 31 दिनों के होते हैं। इसी अंतर के कारण कभी-कभी एक ही महीने में दो पूर्णिमा पड़ जाती हैं।
माइक्रोमून क्यों कहलाएगा?
चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा पूर्ण गोलाकार कक्षा में नहीं, बल्कि अंडाकार (Elliptical) कक्षा में करता है। इसलिए उसकी पृथ्वी से दूरी लगातार बदलती रहती है।
31 मई 2026 को पूर्णिमा के समय चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 252,088 मील (करीब 405,800 किलोमीटर) दूर होगा, जो वर्ष 2026 में उसकी सबसे अधिक दूरियों में से एक होगी। इस वजह से आसमान में उसका आकार सामान्य पूर्णिमा की तुलना में थोड़ा छोटा दिखाई देगा। इसी कारण इसे माइक्रोमून कहा जा रहा है।
हालांकि यह अंतर इतना सूक्ष्म होगा कि आम लोगों को नंगी आंखों से इसका विशेष फर्क महसूस नहीं होगा। वैज्ञानिक उपकरणों और फोटोग्राफिक तुलना से ही इसके आकार में अंतर स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।
क्यों खास है 31 मई की पूर्णिमा?
31 मई 2026 को एक साथ ब्लू मून और माइक्रोमून का संयोग बन रहा है। यानी एक ही महीने की दूसरी पूर्णिमा होने के साथ-साथ चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर भी होगा। यही वजह है कि यह पूर्णिमा खगोल विज्ञान के शौकीनों के लिए विशेष महत्व रखती है।
