हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर कहर बरपाया है। गुरुवार शाम से शुक्रवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया। किन्नौर में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (NH-05) बंद हो गया, जबकि चंबा में तेज बहाव वाले नाले में बहने से 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई। मनाली और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश के चलते कई सड़कों पर मलबा जमा हो गया और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं।
किन्नौर जिले के चौरा के पास भारी भूस्खलन से NH-05 पर बड़े-बड़े पत्थर और मलबा गिर गया, जिससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। इसके चलते जिले का सड़क संपर्क प्रदेश के अन्य हिस्सों से प्रभावित हो गया। प्रशासन और राहत दल मशीनों की मदद से सड़क बहाल करने में जुटे हैं। लोगों से फिलहाल अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की गई है।
मनाली, धुंधी, पलचान, अंजनी महादेव, शनाग और सोलंग घाटी में लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कों पर मलबा आ गया। सोलंग घाटी में फर्स्ट स्नो गैलरी के पास मलबा आने से एक स्कॉर्पियो वाहन फंस गया, हालांकि उसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने कई जगहों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है।
चंबा जिले के सलूणी उपमंडल में संघणी पंचायत के प्रेढ़ गांव की रहने वाली 19 वर्षीय शबनम जंगल से लौटते समय तेज बहाव वाले नाले में बह गई। रातभर चले रेस्क्यू अभियान के बाद शुक्रवार सुबह उसका शव सियूल नदी से बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
लगातार बारिश को देखते हुए मंडी जिला प्रशासन ने पंडोह डैम से 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा है। प्रशासन ने ब्यास नदी के किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को नदी के पास न जाने की सलाह दी है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगस्त के शुरुआती दिनों में भी हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
