Homeउत्तर प्रदेशजुलाई 2026 में पड़ेंगी दो एकादशी, जानें योगिनी और देवशयनी एकादशी की...

जुलाई 2026 में पड़ेंगी दो एकादशी, जानें योगिनी और देवशयनी एकादशी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

जुलाई 2026 में आषाढ़ मास के दौरान भगवान विष्णु को समर्पित दो प्रमुख एकादशी व्रत रखे जाएंगे। पहली योगिनी एकादशी और दूसरी देवशयनी एकादशी होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होती है और इसी दिन भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं।

10 जुलाई को योगिनी एकादशी

द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जुलाई 2026 को सुबह 8:16 बजे शुरू होकर 11 जुलाई को सुबह 5:22 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर 10 जुलाई को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 बजे से 5:24 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:17 बजे से 1:10 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण 11 जुलाई को दोपहर 2:03 बजे से 4:42 बजे के बीच किया जाएगा। हरिवासर सुबह 10:32 बजे तक रहने के कारण उससे पहले पारण नहीं किया जाएगा।

25 जुलाई को देवशयनी एकादशी

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी तिथि 24 जुलाई को सुबह 9:12 बजे शुरू होकर 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 25 जुलाई को व्रत रखा जाएगा।

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:45 बजे से 5:29 बजे तक तथा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:19 बजे से 1:11 बजे तक रहेगा। व्रत का पारण 26 जुलाई को सुबह 6:13 बजे से 8:50 बजे तक किया जाएगा।

देवशयनी एकादशी से शुरू होगा चातुर्मास

धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि को चातुर्मास कहा जाता है, जिसे धार्मिक अनुष्ठानों और साधना के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी के दिन पुनः जागृत होते हैं।

एकादशी व्रत का महत्व 

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से सुख-समृद्धि, सौभाग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। साथ ही, विशेष एकादशियों का व्रत करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular