रिपोर्ट – अभिषेक मिश्रा
कानपुर। यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाया।
संगठन के अनुसार, प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में व्यापारियों ने यूपीआई मशीनों और स्कैनर का प्रतीकात्मक तर्पण कर विरोध जताया।
कानपुर के सरसैया घाट पर भी व्यापारियों ने मशीनों का तर्पण कर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को वापस लेने की मांग की। इस दौरान घाट पर “यूपीआई पर एमडीआर शुल्क मंजूर नहीं” के नारे गूंजे।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने, युवा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र और प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने पितृपक्ष के अवसर पर यह विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर शुल्क व्यवस्था के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
शुल्क से बढ़ेगा व्यापारियों पर आर्थिक बोझ: ज्ञानेश मिश्र
प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क लगाने की प्रस्तावित व्यवस्था से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ने से प्रभावी शुल्क 0.472 प्रतिशत हो जाएगा। उनके मुताबिक, विशेष रूप से अपंजीकृत व्यापारियों को इस जीएसटी का इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलने की स्थिति में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में यूपीआई और डिजिटल भुगतान व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है और कुछ कारोबारी नकद लेनदेन को प्राथमिकता देने लग सकते हैं। उन्होंने सरकार से डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की।
ग्राहकों पर भी पड़ सकता है असर
जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि व्यापारियों पर बढ़ने वाली लागत का अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। उनके अनुसार, एमडीआर शुल्क लागू होने से कैशलेस और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं
प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता और जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क से ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार के बीच प्रतिस्पर्धा तथा व्यापारियों के लाभ पर असर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित शुल्क वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया और कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा ने कहा कि मोबाइल समेत थोक कारोबार में पहले से ही लाभ का मार्जिन कम है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क छोटे और मध्यम कारोबारियों की परेशानियां बढ़ा सकता है।
प्रदेश युवा संगठन महामंत्री विनायक पोद्दार और युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा ने भी छोटे दुकानदारों और खुदरा कारोबारियों पर संभावित आर्थिक प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
कई व्यापारी पदाधिकारी रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में जिला संयुक्त महामंत्री संजय मिश्रा, दक्षिण व्यापार मंडल अध्यक्ष कमल उत्तम, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद और नितिन अग्निहोत्री सहित अरुण पांडे, सुशील तुली, राजकुमार गुप्ता, जय कुमार शर्मा टीटू, सौरभ पांडेय, अनुज त्रिपाठी, अरविंद गुप्ता, प्रखर श्रीवास्तव, हेमंत गुप्ता, राहुल शर्मा, सुरेंद्र जायसवाल और अवतार शर्मा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे l
व्यापारियों ने सरकार से प्रस्तावित एमडीआर शुल्क पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर विरोध आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
