इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन से लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने अधिकारों और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।
धरने में शामिल कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में संविदा के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कई ऐसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिनकी मांग वे लगातार उठाते रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी समस्याओं का समाधान करने और सेवा संबंधी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
समान काम के लिए समान वेतन समेत कई मांगें
प्रदर्शन कर रहे NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम के लिए समान वेतन, अनुकंपा नियुक्ति, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा और मकान किराया भत्ता (HRA) शामिल हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी सेवा शर्तों और कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए उचित कोटा निर्धारित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों के अनुभव और सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उन्हें नियमित भर्तियों में उचित अवसर दिया जाना चाहिए।
स्टाफ नर्स शीला और रोहित पाराशर ने लगाई गुहार
धरना-प्रदर्शन के दौरान स्टाफ नर्स शीला और कर्मचारी रोहित पाराशर ने भी उत्तर प्रदेश सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर विचार करने की अपील की। उनका कहना है कि संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए।
कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन से उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने और समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाएगी और लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में कार्रवाई करेगी।
