Homeउत्तर प्रदेशकेजीएमयू में कुलपति-कुलसचिव के बीच बढ़ी तकरार, कार्य परिषद ने फैसलों में...

केजीएमयू में कुलपति-कुलसचिव के बीच बढ़ी तकरार, कार्य परिषद ने फैसलों में देरी पर जताई नाराजगी

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में कुलपति और कुलसचिव के बीच प्रशासनिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। मंगलवार को कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में परिषद के सदस्यों ने कुलसचिव स्तर पर लंबित फैसलों के अनुपालन में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई।

सदस्यों का आरोप था कि मई 2026 में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय तीन माह बाद भी लागू नहीं किए गए हैं। इस संबंध में परिषद के सदस्यों ने कुलपति को लिखित प्रतिवेदन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की।

बैठक में वरिष्ठ सदस्य डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि कार्य परिषद के निर्णयों का क्रियान्वयन जानबूझकर रोका जा रहा है। उन्होंने कर्मचारियों के मानकीकरण (रेगुलराइजेशन) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मई में आदेश जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक कुलसचिव कार्यालय ने इसे लागू नहीं किया। इससे कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ में देरी हो रही है।

परिषद के सभी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सहमति जताते हुए लंबित निर्णयों को तत्काल लागू करने की मांग की। साथ ही कुलपति से कुलसचिव पर प्रभावी प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में कार्य परिषद के निर्णयों के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. केपी सिंह की बर्खास्तगी का मामला भी उठा। उच्च न्यायालय द्वारा बर्खास्तगी का आदेश निरस्त कर पुनः विभागीय जांच और प्रतिपरीक्षण का अवसर देने के निर्देश के बाद कार्य परिषद ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि विश्वविद्यालय एकल पीठ के आदेश के खिलाफ खंडपीठ में विशेष अपील दाखिल करेगा। साथ ही न्यायालय में विश्वविद्यालय का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता की सेवाएं लेने का भी फैसला किया गया।

RELATED ARTICLES

Most Popular