रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
आज राजधानी लखनऊ में समाजवादी मजदूर सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मजदूर हितों और घरेलू कामगार महिलाओं की मांगों को लेकर थाली बजाकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता दारुलशफा विधायक निवास से जनभवन की ओर कूच करने निकले, लेकिन पुलिस ने RLD कार्यालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर ‘मजदूर विरोधी सरकार मुर्दाबाद’ और ‘सरकार होश में आओ, मजदूरों का शोषण बंद करो’ जैसे नारे लगाए। कई कार्यकर्ता चम्मच से थाली बजाते हुए आगे बढ़े। महिला कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

घरेलू कामगार महिलाओं के लिए कल्याण बोर्ड की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग घरेलू कामगार महिलाओं के लिए कल्याण बोर्ड का गठन करना था। उनका कहना था कि घरेलू कामगार महिलाएं लंबे समय से अपने अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई गई है।

पुलिस से हुई नोकझोंक
दारुलशफा से जनभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। करीब 20 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया।
प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
समाजवादी मजदूर सभा के राष्ट्रीय सचिव राम गोपाल पुरी ने कहा कि मजदूरों और महिलाओं की लड़ाई पार्टी सदन से सड़क तक लड़ रही है। उन्होंने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए जल्द से जल्द कल्याण बोर्ड बनाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर मजदूर हितों के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
