रिपोर्ट : शिवाकांत पाण्डेय, कुशीनगर
कुशीनगर। तमकुहीराज की उपजिलाधिकारी आकांक्षा मिश्रा की पहल पर करीब चार दशक पुराने भूमि विवाद का महज तीन घंटे में शांतिपूर्ण समाधान हो गया। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के निस्तारण से दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की
विशेष भूमि विवाद निस्तारण अभियान के तहत हरदिया निवासी हरगोविंद सिंह ने 17 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि चकबंदी के बाद से उनकी काश्तकारी भूमि पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका था। नौकरी के सिलसिले में लंबे समय तक बाहर रहने के दौरान पट्टीदारों द्वारा भूमि पर कब्जा कर लिए जाने से विवाद उत्पन्न हुआ, जो लगभग 40 वर्षों से चला आ रहा था
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने दोनों पक्षों को एक साथ बुलाकर राजस्व अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों की जांच कराई। इसके बाद संवाद और समझाइश के जरिए सहमति का रास्ता निकाला गया।
करीब तीन घंटे चली प्रक्रिया के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और मौके पर ही विवाद का शांतिपूर्ण निस्तारण करा दिया गया। आमतौर पर ऐसे मामलों में वर्षों तक मुकदमेबाजी चलती है, लेकिन प्रशासन की सक्रिय पहल से यह मामला त्वरित रूप से सुलझ गया।
क्षेत्र में इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भूमि विवादों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण है।
