राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन की तीसरी मंजिल पर स्थित गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में अचानक आग लग गई, जिसकी चपेट में आने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि भवन में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जान बचाने के लिए कई छात्र और कर्मचारी खिड़कियों तथा भवन के बाहर लटक रहे तारों के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने ऊपर से छलांग भी लगा दी, जिससे वे घायल हो गए।
तीसरी मंजिल से शुरू हुई आग
जानकारी के मुताबिक अलीगंज स्थित इस निजी संस्थान के भवन की तीसरी मंजिल पर सबसे पहले आग लगी। देखते ही देखते आग ने पूरे फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय भवन में 30 से अधिक लोग मौजूद थे। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धुएं और आग की लपटों के कारण लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था। ऐसे में कई छात्र तारों के सहारे नीचे उतरने लगे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग जान बचाने के लिए संघर्ष करते दिखाई दे रहे हैं।
दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें
फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी समय लगा। कई घंटों की मशक्कत के बाद जब आग पर काबू पाया गया तो भवन के अंदर से एक-एक कर शव निकाले गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अधिकांश लोगों की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई है।
मुख्यमंत्री योगी ने छोड़ा अलीगढ़ दौरा
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही केजीएमयू पहुंचकर घायलों का हालचाल भी जाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए संवेदना व्यक्त की है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सहित प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य की लगातार निगरानी की गई।
एलडीए ने शुरू की जांच
घटना के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी भवन की जांच शुरू कर दी है। यह देखा जा रहा है कि भवन में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति और फायर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद शहर के व्यावसायिक भवनों, कोचिंग संस्थानों और गेमिंग जोन में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते और आपातकालीन निकास की व्यवस्था बेहतर होती तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
