Homeउत्तर प्रदेशलखनऊ में जनगणना-2027 ड्यूटी से गायब 435 कर्मचारियों पर FIR की तैयारी

लखनऊ में जनगणना-2027 ड्यूटी से गायब 435 कर्मचारियों पर FIR की तैयारी

लखनऊ में जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वाले 435 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने संबंधित थानों को तहरीर भेजने के साथ ही पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी सौंप दी है।

नगर निगम के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पंचायत विभाग और सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि कई कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जिससे जनगणना कार्य प्रभावित हुआ।

नगर निगम ने जोनवार अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची संबंधित थानों को भेजी है। जोन-1 के 69 कर्मचारियों के खिलाफ हजरतगंज थाना, जोन-3 के 244 कर्मचारियों के खिलाफ अलीगंज थाना, जोन-6 के 165 कर्मचारियों के खिलाफ ठाकुरगंज थाना और जोन-8 के 75 कर्मचारियों के खिलाफ आशियाना थाना में कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं जोन-7 के 62 कर्मचारी नियुक्ति पत्र और स्टेशनरी लेने तक नहीं पहुंचे। कई कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, जबकि कुछ के संपर्क नंबर गलत पाए गए। इनके खिलाफ गाजीपुर थाना में तहरीर भेजी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि जनगणना अधिनियम-1948 की धाराओं के तहत नियुक्त कर्मचारी लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं और जनगणना कार्य में सहयोग करना उनका कानूनी दायित्व है। ऐसे में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने या कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

लखनऊ में जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने वाले 435 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने संबंधित थानों को तहरीर भेजने के साथ ही पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी सौंप दी है।

नगर निगम के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पंचायत विभाग और सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि कई कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जिससे जनगणना कार्य प्रभावित हुआ।

नगर निगम ने जोनवार अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची संबंधित थानों को भेजी है। जोन-1 के 69 कर्मचारियों के खिलाफ हजरतगंज थाना, जोन-3 के 244 कर्मचारियों के खिलाफ अलीगंज थाना, जोन-6 के 165 कर्मचारियों के खिलाफ ठाकुरगंज थाना और जोन-8 के 75 कर्मचारियों के खिलाफ आशियाना थाना में कार्रवाई की संस्तुति की गई है। वहीं जोन-7 के 62 कर्मचारी नियुक्ति पत्र और स्टेशनरी लेने तक नहीं पहुंचे। कई कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, जबकि कुछ के संपर्क नंबर गलत पाए गए। इनके खिलाफ गाजीपुर थाना में तहरीर भेजी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि जनगणना अधिनियम-1948 की धाराओं के तहत नियुक्त कर्मचारी लोक सेवक की श्रेणी में आते हैं और जनगणना कार्य में सहयोग करना उनका कानूनी दायित्व है। ऐसे में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने या कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

नगर निगम के मुताबिक दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर एक हजार रुपये तक जुर्माना और तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। साथ ही विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी।.

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नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल जनगणना कार्य में शामिल कराने को कहा है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

नगर निगम के मुताबिक दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर एक हजार रुपये तक जुर्माना और तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। साथ ही विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की जाएगी।

.नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल जनगणना कार्य में शामिल कराने को कहा है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

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