लखनऊ। धनतेरस पर राजधानी के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर ऑटोमोबाइल शोरूम तक हर तरफ ग्राहकों की भीड़ नजर आई। त्योहार के मौके पर लखनऊ में करीब 2800 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। व्यापारियों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजारों में ग्राहकों के उत्साह से कारोबारियों के चेहरे भी खिले रहे।
धनतेरस को लेकर बाजारों में कई दिन पहले से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। बड़ी संख्या में ग्राहकों ने गुरुवार को ही अपनी पसंद का सामान तय कर एडवांस बुकिंग करा दी थी, ताकि त्योहार के दिन बिना इंतजार किए डिलीवरी मिल सके। शुक्रवार को सुबह से ही दुकानों और शोरूम में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी। सराफा बाजार से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर तक खरीदारी का उत्साह देखने को मिला।
चारपहिया वाहनों की 400 करोड़ रुपये की बिक्री
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बताया कि व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार, धनतेरस पर राजधानी में करीब 80 करोड़ रुपये के दोपहिया और 400 करोड़ रुपये के चारपहिया वाहन बिके। वहीं, ज्वेलरी सेक्टर में करीब 350 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इस बार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग भी अच्छी रही।
सराफा बाजार में हल्के वजन के गहने ग्राहकों की पहली पसंद बने रहे। वहीं, बर्तन की दुकानों पर सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही। इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, लैपटॉप, कपड़े, इलेक्ट्रिक लाइट, ड्राई फ्रूट, मिठाई, बेकरी उत्पाद, पूजा सामग्री, फर्नीचर, गिफ्ट आइटम और किचन वेयर की दुकानों पर भी जमकर खरीदारी हुई।
पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत बढ़ा कारोबार
संजय गुप्ता ने बताया कि राजधानी की विभिन्न बाजारों के व्यापारियों और संगठन के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर धनतेरस पर करीब 2800 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। पिछले साल के मुकाबले कारोबार में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बाजारों में ग्राहकों की अच्छी संख्या और खरीदारी के प्रति उत्साह से व्यापारियों को त्योहार के सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है।
