जाने के बाद बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है और उसके संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इस संबंध में पुलिस और संबंधित सीएचसी प्रभारी को भी सूचना भेज दी गई है।
मुफ्तीगंज निवासी तीन वर्षीय जियान की 21 जुलाई 2025 को ऑक्सीजन अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की प्रारंभिक जांच लखनऊ मंडल के अपर निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता ने की। जांच के दौरान अस्पताल के चिकित्सक को कई बार नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन न तो कोई जवाब दिया गया और न ही कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया गया।
एसीएमओ एवं नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया कि अस्पताल और संबंधित डॉक्टर को कुल पांच नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वे किसी भी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए।
जांच समिति ने पीड़ित परिवार के बयान, इलाज से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अस्पताल को दोषी माना। रिपोर्ट में कहा गया कि बच्चे का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सक से नहीं कराया गया और गंभीर स्थिति के बावजूद इलाज में लापरवाही बरती गई।
सीएमओ डॉ. एनबी. सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और उसके संचालन पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल में मरीज भर्ती किए जाते पाए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
