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भीषण गर्मी में लखनऊ बेहाल: 36 घंटे तक बिजली गुल, लोगों ने JE को बनाया बंधक; कई इलाकों में सड़क जाम

भीषण गर्मी के बीच Lucknow में बिजली संकट ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। शहर के कई इलाकों में घंटों नहीं बल्कि 24 से 36 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग सड़क पर उतर आए। कहीं रोड जाम हुआ तो कहीं पावर हाउस का घेराव किया गया। पारा इलाके में नाराज लोगों ने बिजली विभाग के जेई को सड़क पर रोककर कई घंटे तक बंधक बना लिया।

शनिवार को फैजुल्लागंज स्थित श्याम विहार कॉलोनी के लोगों ने बिजली कटौती से परेशान होकर प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि लगातार कटौती के कारण पानी की सप्लाई भी ठप हो गई है। भीषण गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पारा, बुद्धेश्वर और दुबग्गा क्षेत्र के सोना बिहार, मुनेश्वर पुरम, प्रभात पुरम, बादशाह खेड़ा, जनता विहार समेत कई इलाकों में करीब 36 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। देर रात कुछ समय के लिए सप्लाई बहाल हुई, लेकिन सुबह फिर कटौती शुरू हो गई। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।

22 मई को पारा इलाके में बिजली न आने से नाराज लोगों ने बुद्धेश्वर चौराहे पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान विभागीय जेई की गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए गए। आरोप है कि लोगों ने दोपहर में जेई को सड़क पर रोककर बंधक बना लिया और बिजली आने तक उन्हें जाने नहीं दिया। इससे पहले उतरठिया में हुए हंगामे के बाद 150 लोगों पर एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

बीकेटी के कई बिजली उपकेंद्रों के बाहर पुलिस तैनात करनी पड़ी। वहीं सआदतगंज क्षेत्र में ओवरहेड तार टूटने से कई मोहल्लों में 21 मई की रात से बिजली गुल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मरम्मत हुई, लेकिन तार बार-बार टूट रहे हैं। कुछ जगहों पर लोगों ने खुद तारों को अस्थायी तौर पर सड़क से ऊपर बांधा।

नीलमथा की शाही नूर कॉलोनी में ट्रांसफार्मर फुंकने से 500 से ज्यादा घरों में 26 घंटे तक बिजली नहीं रही। पानी का संकट इतना बढ़ गया कि लोगों को टैंकर से पानी लेना पड़ा। वहीं चिनहट के अशरफ विहार में करीब 9 घंटे तक बिजली गुल रही। इनवर्टर जवाब दे गए तो लोग रातभर छतों और सड़कों पर टहलते नजर आए।

लगातार बढ़ते लोड के कारण शहर के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर और केबल फुंकने की घटनाएं भी सामने आई हैं। चिनहट तिराहे पर 100 KVA ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जबकि चौक इलाके में बिजली का तार जलकर सड़क पर गिर गया। लालबाग में भी केबल में आग लगने से बिजली आपूर्ति बाधित रही।

बिजली संकट के बीच कई हादसे भी हुए। फैजुल्लागंज उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन उदय राज की 11 हजार वोल्ट लाइन पर काम करते समय करंट लगने से मौत हो गई। वहीं जानकीपुरम विस्तार में मरम्मत के दौरान दो लाइनमैन झुलस गए।

स्थिति बिगड़ने पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने प्रदेश के कई जिलों से 44 अभियंताओं को लखनऊ बुलाया है। साथ ही 8 इंजीनियरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। तकनीकी निदेशक ने HAL सबस्टेशन का निरीक्षण कर बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।

बिजली संकट को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। Akhilesh Yadav ने इसे “महा विद्युत आपदा” बताया है। वहीं सरोजनीनगर विधायक Rajeshwar Singh ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर स्थायी समाधान की मांग की है।

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