लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में 18 दिनों से जारी छात्रों का धरना शुक्रवार को और बड़ा रूप लेने जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। छात्र गेट नंबर-1 पर हाथों में स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
यह धरना 3 छात्रों के निष्कासन के विरोध में 2 जून से लगातार जारी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का समर्थन मिल रहा है। छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी भी निष्कासित छात्रों के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को मजबूती दे चुके हैं।
धरने को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। छात्रों की प्रमुख मांगों में निष्कासित छात्रों की बहाली और बढ़ी हुई फीस वापस लेना शामिल है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन फिलहाल अपने फैसले पर कायम नजर आ रहा है।
छात्र नेता प्रिंस प्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने अड़ियल रवैये पर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि महापंचायत के बाद छात्र हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा का घेराव भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
